Mandi: कागजाें में बने पानी के टैंक...मस्ट्राेल में लगीं फर्जी हाजिरियां, पंचायत प्रधान समेत 5 लाेगाें पर FIR दर्ज
punjabkesari.in Friday, Aug 29, 2025 - 07:38 PM (IST)

करसाेग (धर्मवीर गाैतम): मंडी जिला के तहत खंड विकास कार्यलय चुराग की ग्राम पंचायत शोरशन में सरकारी धन के दुरुपयोग का बड़ा मामला सामने आया है। इस मामले में अब न्यायिक अदालत ने भी सख्त रुख अपनाया है। करसोग की न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्वेता नरूला की अदालत ने बीएनएसएस की धारा 338, 340 और 61(1) के तहत पंचायत प्रधान सहित कुल 5 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और गहन जांच के आदेश दिए हैं। इस निर्देश के बाद करसोग पुलिस ने संबंधित सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों में पंचायत प्रधान के अलावा पंचायत में कार्यरत वर्तमान और पूर्व कर्मचारी भी शामिल हैं।
पंचायत में सरकारी धन के दुरुपयोग की शिकायत इसी पंचायत की महिला वार्ड सदस्य रुकमणी देवी की ओर से की गई है। उन्होंने पंचायत कार्यों में भारी अनियमितताओं और सरकारी पैसे के गबन के आरोप लगाए हैं। रुकमणी देवी ने पहले भी कई बार इस संबंध में विभागीय अधिकारियों, जिला प्रशासन और अन्य उच्च अधिकारियों को शिकायतें भेजीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जब कहीं से संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तब उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
शिकायतकर्ता ने आराेप लगाया है कि पंचायत द्वारा 80,309 रुपए की लागत से एक पानी का टैंक बनवाने का कार्य दिखाया गया। भुगतान भी कर दिया गया, लेकिन जब 4 सितम्बर, 2023 को सोशल ऑडिट किया गया तो मौके पर कोई टैंक नहीं पाया गया। ऐसे कई टैंक कागजाें में ही बनकर तैयार कर दिए गए और पैसा निकाल लिया गया। इसके अलावा शिकायत में बास्केटबॉल पिच और पैदल पुलिया के निर्माण में भी अनियमितताओं और धन के गबन के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता की मानें तो ऐसे दर्जनों कार्य हैं, जिनके संबंध में ठगी और फर्जीवाड़ा हुआ है।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि पंचायत में मस्ट्राेल (उपस्थिति रजिस्टर) में फर्जी तरीके से लोगों की हाजिरी लगाई गई, जिनमें पंचायत प्रधान के ससुर का नाम भी शामिल है, जोकि एक सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं और चल-फिर नहीं सकते। इसके बावजूद उनके नाम पर सरकारी धन निकाल लिया गया।
उधऱ डीएसपी करसोग गौरव जीत सिंह ने पुष्टि करते हुए बताया कि अदालत के आदेश के बाद पंचायत प्रधान सहित 5 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है। इनमें वर्तमान पंचायत प्रधान समेत पंचायत में कार्यरत तथा पूर्व में तैनात 4 अन्य कर्मचारी शामिल हैं।