Sirmaur: वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, घर से तेंदुए की खाल सहित वन्यजीवों के अंगों का जखीरा बरामद, 2 गिरफ्तार
punjabkesari.in Wednesday, Apr 15, 2026 - 03:24 PM (IST)
पांवटा साहिब (कपिल): वन मंडल पांवटा साहिब के अंतर्गत आने वाले घुतनपुर गांव में बुधवार सुबह वन विभाग की टीम ने एक गुप्त कार्रवाई को अंजाम देते हुए वन्यजीवों के अंगों का एक बड़ा जखीरा बरामद किया है। तड़के 4 बजे की गई इस छापेमारी से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। कार्रवाई इतनी गुप्त और सुनियोजित थी कि भनक तक नहीं लगी। वन विभाग के असिस्टैंट कंजर्वेटर ऑफ फोरैस्ट आदित्य शर्मा के नेतृत्व में टीम ने बातामंडी डाकघर के अंतर्गत आने वाले घुतनपुर गांव में अख्तर अली पुत्र अली हसन के घर पर दबिश दी। घर की छत की तलाशी के दौरान वहां छिपाकर रखे गए वन्यजीवों से जुड़े कई आपत्तिजनक सामान बरामद हुए। इसमें तेंदुए की खाल (मूंछों सहित), तेंदुए के पंजे, घोरल के सींग के 3 जोड़े, काकड़ के सींग के 2 जोड़े, 3 खाली कारतूस, मांस काटने का तेजधार हथियार और एक लकड़ी का गटका शामिल है।
वन विभाग की टीम ने मौके से सभी वन्यजीव अवशेषों को जब्त कर लिया है। इस मामले में विभाग ने घर के मालिक अख्तर अली और सद्दाम हुसैन को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए दोनों आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक इस मामले की गहन जांच की जा रही है और आगे चलकर इसमें और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।
ग्रामीणों ने उठाए सवाल, बताया साजिश
इस कार्रवाई के बाद गांव में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों परविंदर सिंह सोनी (पंचायत पतलियों), मोहन सिंह सोहता, असरफ अली, अली लियास, पूर्व प्रधान दाता राम और लियाकत अली ने इस मामले को एक साजिश करार दिया है। ग्रामीणों का तर्क है कि संबंधित परिवार ट्रांसपोर्ट का काम करता है और शांतिपूर्ण जीवन जीता है, इसलिए उन्हें इस मामले में फंसाया भी जा सकता है। उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
अधिकारी बोले- सबूत लाओ, जांच करेंगे
ग्रामीणों के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए वन विभाग के एसीएफ आदित्य शर्मा ने कहा कि यह कार्रवाई पूरी तरह गुप्त सूचना के आधार पर की गई है और मौके से बरामदगी पक्का सबूत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग मामले की गहन जांच कर रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से कहा है कि यदि किसी के पास इस मामले से जुड़ा कोई ठोस सबूत है, तो वह उसे विभाग को सौंपें, जिसे जांच का हिस्सा बनाया जाएगा।

