20 बीघा से कम सरकारी जमीन पर कब्जे होंगे पक्के, किसानों को 50 फीसदी ऋण माफ, पढ़ें सुक्खू कैबिनेट के बड़े फैसले
punjabkesari.in Saturday, Jun 06, 2026 - 08:31 PM (IST)
शिमला (कुलदीप): मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में सरकारी भूमि पर अतिक्रमणों के लिए नियमितीकरण नीति-2026 (पॉलिसी फॉर रेगुलराईजेशन ऑफ सर्टेन एनक्रोचमेंट ऑन गर्वंमेंट लैंड-2026) को मंजूरी दी गई। यह नीति उन भूमिहीन परिवारों और सीमांत किसानों के मानवीय सरोकार को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है, जो आवासीय, कृषि एवं बागवानी उद्देश्यों के लिए सरकारी भूमि पर कब्जे में हैं। यह नीति सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरुप तैयार की गई है तथा इसे मंजूरी के लिए भारत सरकार को भेजा गया है। इससे 20 बीघा से कम लैंड होर्डिंग वाले हजारों कब्जाधारकों को लाभ मिलेगा। यह कब्जे वन व राजस्व विभाग सहित अन्य सरकारी जमीनों पर है, जिसमें अवैध तौर पर सेब के पौधे भी लगाए गए थे। इन पौधों को कटान के आदेश हाईकोर्ट की तरफ से दिए गए थे, जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट से स्टे मिला और राज्य सरकार को नीति बनाने को कहा गया है। ये कब्जे शहरी व ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में है।
करुणामूलक के 2542 अस्वीकृत मामलों पर फिर होगी समीक्षा
मंत्रिमंडल ने विभिन्न विभागों की तरफ से अलग-अलग कारणों से पहले अस्वीकृत किए गए करुणामूलक नियुक्ति के करीब 2542 मामलों पर पुनर्विचार करने को मंजूरी दी है। इसके तहत एकमुश्त जायज अस्वीकृत मामलों की दोबारा जांच करके उनको आवश्यक छूट प्रदान की जाएगी। इसमें से कुछ मामले आय सीमा अधिक होने और कई मामलों में 3 वर्ष के भीतर आवेदन नहीं करने की बात सामने आई है। इसको लेकर वित्त विभाग नए सिरे से मामले को देखेगा और सभी विभागों को इस बारे प्रभावी पग उठाने को कहा गया है। इस संदर्भ में आगामी समय में होने वाली मंत्रिमंडल बैठक में नीतिगत निर्णय लिया जाएगा।
6356 किसानों की 50 फीसदी ऋण माफी होगी
मंत्रिमंडल ने उन किसानों के लिए कृषि ऋण ब्याज अनुदान योजना शुरू करने का निर्णय लिया, जिनकी भूमि नीलामी के खतरे में है। इसके तहत राज्य सरकार पात्र किसानों के 3 लाख रुपए तक के कृषि ऋण पर ब्याज देनदारी का 50 फीसदी वहन करेगी। इससे प्रदेश के 6356 किसानों को लाभ मिलेगा। इसको लेकर मंत्रिमंडल बैठक में बाकायदा प्रस्तुति भी दी गई।
अध्ययन अवकाश पर जाने वाले कर्मचारियों को मिलेगा पूरा वेतन
मंत्रिमंडल ने अध्ययन अवकाश पर जाने वाले कर्मचारियों को पूर्ण वेतन देने का निर्णय लिया। जिन कर्मचारियों ने पहले अध्ययन अवकाश लिया था, उन्हें भी बकाया वेतन राशि का भुगतान किया जाएगा। पहले अध्ययन अवकाश पर जाने पर 40 फीसदी वेतन मिलता था, लेकिन अब 100 फीसदी मिलेगा।
हजारों अंशकालिक कर्मचारी बनेंगे दैनिक वेतनभोगी, जॉब ट्रेनी को 15 दिन पितृत्व अवकाश
मंत्रिमंडल ने 31 मार्च, 2026 तक लगातार 7 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके अंशकालिक कर्मचारियों को दैनिक वेतनभोगी बनाने को मंजूरी दी गई। इससे 5 हजार से अधिक दैनिक वेतनभोगियों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा जॉब ट्रेनी को 15 दिन का पितृत्व अवकाश प्रदान करने का निर्णय लिया गया।
बेरोजगार युवाओं को सबसिडी पर मिलेंगे 1000 बस रूट
मंत्रिमंडल ने 680 करोड़ रुपए की राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना का चौथा चरण आरम्भ करने की मंजूरी दी। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 1 हजार बस रुटों पर ई-बस खरीदने पर 50 फीसदी तथा डीजल बस खरीदने पर 30 फीसदी सबसिडी प्रदान की जाएगी, जिससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा और सार्वजनिक परिवहन सेवाएं मजबूत होंगी। डीजल बसों पर 50 हजार रुपए प्रतिमाह और ई-बस पर 75 हजार रुपए का हर्जाना भी प्रदेश सरकार देगी। ऐसे लाभार्थियों को किसी तरह का टैक्स भी नहीं देना होगा। साथ ही छात्रों को फ्री ट्रैवलिंग और महिलाओं को 50 फीसदी किराया लिया जाएगा।
मल्टी टास्क वर्करों की भर्ती करेगी एजैंसी, उपसमिति गठित
बैठक में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में एक मंत्रिमंडलीय उपसमिति गठित करने का निर्णय लिया गया, जो विभिन्न विभागों में मल्टी टास्क वर्करों की भर्ती प्रक्रिया को केंद्रीकृत एवं सुव्यवस्थित करने पर विचार करेगी। यानी भविष्य में ऐसी भर्ती अब एक एजैंसी के माध्यम से की जाएगी।
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