Chamba: सुक्खू सरकार के कार्यक्रम में BJP विधायक का खुला विद्रोह, VIP कुर्सी छोड़ जमीन पर जमाया डेरा, जानें क्या रही वजह
punjabkesari.in Saturday, Feb 28, 2026 - 12:17 PM (IST)
चम्बा: हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार द्वारा जनता की समस्याएं सुनने के लिए शुरू किया गया महत्त्वाकांक्षी कार्यक्रम सरकार गांव के द्वार शुक्रवार को चम्बा जिले में सियासती अखाड़े में तब्दील हो गया। मैहला पंचायत में आयोजित इस कार्यक्रम में उस वक्त अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई, जब भरमौर से भाजपा विधायक डॉ. जनक राज सूट-बूट पहनकर पहुंचे और मंच पर बैठने के बजाय सीधे जनता के बीच दरी पर जाकर बैठ गए।
क्या है पूरा मामला?
शुक्रवार को चम्बा जिला की मैहला पंचायत में विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया की अध्यक्षता में सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम चल रहा था। दोपहर करीब एक बजे स्थानीय भाजपा विधायक डॉ. जनक राज वहां पहुंचे। प्रोटोकॉल के तहत उन्हें मंच पर स्थान ग्रहण करना था, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से साफ इन्कार कर दिया और आम जनता के साथ सबसे अगली कतार में जमीन पर बैठ गए। विधायक को जमीन पर बैठा देख वहां मौजूद प्रशासनिक अमले और नेताओं के हाथ-पांव फूल गए। उपायुक्त मुकेश रेप्सवाल तुरंत विधायक के पास पहुंचे और उन्हें मंच पर आने की गुहार लगाई, लेकिन विधायक अपनी नाराजगी पर अड़े रहे। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने भी उनसे मंच पर आने का आग्रह किया, लेकिन डॉ. जनक राज टस से मस नहीं हुए।
विधायक का आरोप-सदन में अनसुनी होती है आवाज, इसलिए जनता के बीच आया हूं
जमीन पर बैठकर ही विधायक ने सुक्खू सरकार के खिलाफ अपना गुबार निकाला। उन्होंने दो टूक कहा कि जब सरकार खुद लोगों के द्वार पर आई है, तो मैं भी एक जनप्रतिनिधि के तौर पर जनता की समस्याएं लेकर आया हूं। डॉ. जनक राज ने आरोप लगाया कि विधानसभा सत्र के दौरान वे जनता से जुड़े कई मुद्दे उठाते हैं, लेकिन सरकार उन पर कोई अमल नहीं करती। उन्होंने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों में सड़कों की खस्ता हालत, शिक्षा व्यवस्था की बदहाली और सरकारी विभागों में रिक्त पड़े पदों के कारण जनता परेशान है, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।
विधानसभा अध्यक्ष की बात पर लगे ठहाके
माहौल को तनावपूर्ण होता देख विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने मजाकिया लहजे में स्थिति को संभाला। उन्होंने माइक से ही चुटकी लेते हुए कहा कि डॉक्टर साहब, अब तो खबर बन चुकी है, इसलिए अब आप मंच पर आ जाइए। स्पीकर की इस टिप्पणी पर वहां मौजूद भीड़ ठहाके लगाने लगी। अंततः जिला भाजपा नेता ललित ठाकुर के मनाने और हाथ पकड़कर उठाने के बाद विधायक मंच पर जाने को राजी हुए।
अधिकारियों के रवैये पर विधायक ने जमकर निकाली भड़ास
मंच पर पहुंचने के बाद भी विधायक के तेवर नरम नहीं पड़े। अपने संबोधन में उन्होंने अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कुछ अधिकारी जनप्रतिनिधियों की बातों को नजरअंदाज कर रहे हैं, जो लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यह लोकतंत्र है, यहां जनता और उनके चुने हुए नुमाइंदों की आवाज सुननी ही पड़ेगी।

