Bilaspur: आरएलए बिलासपुर में बड़ा फर्जीवाड़ा, दिल्ली क्राइम ब्रांच ने कर्मचारी किया गिरफ्तार
punjabkesari.in Tuesday, Jan 20, 2026 - 09:02 PM (IST)
बिलासपुर (बंशीधर): जिला मुख्यालय स्थित एसडीएम कार्यालय की रजिस्ट्रेशन एंड लाइसैंसिंग अथॉरिटी (आरएलए) इन दिनों दिल्ली क्राइम ब्रांच की जांच के घेरे में आ गई है। सैकेंड हैंड और थर्ड हैंड वाहनों को फर्स्ट हैंड दर्शाकर पंजीकरण करने, सेल-परचेज में कथित अनियमितताओं और वीआईपी नंबर आबंटन में गड़बड़ी की गंभीर आशंका के बीच दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम ने बिलासपुर पहुंचकर उपायुक्त कार्यालय में तैनात एक कर्मचारी को हिरासत में लेकर उससे जुड़े अहम रिकॉर्ड जब्त किए और उसे पूछताछ के लिए दिल्ली ले गई है। जानकारी के अनुसार दिल्ली क्राइम ब्रांच ने एक ऐसी गाड़ी को ट्रेस किया है, जिसका इस्तेमाल चोरी की वारदातों में हुआ था। चौंकाने वाली बात यह है कि यह वाहन बिलासपुर आरएलए में रजिस्टर्ड पाया गया। जांच के दौरान सामने आया कि कुछ मामलों में सेकंड हैंड गाड़ियों को फर्स्ट हैंड दर्शाकर आरएलए में पंजीकृत किया गया। इसी कड़ी में कई संदिग्ध रजिस्ट्रेशन और वीआईपी नंबर आबंटन को लेकर भी जांच आगे बढ़ाई गई।
बताया जा रहा है कि हिरासत में लिया गया कर्मचारी वर्तमान में उपायुक्त कार्यालय में सीनियर असिस्टैंट के पद पर कार्यरत है, जबकि इससे पहले वह सदर बिलासपुर की आरएलए ब्रांच में डीलिंग हैंड के रूप में तैनात था। आरोप है कि इसके कार्यकाल के दौरान वाहन पंजीकरण और नंबर आबंटन की प्रक्रिया में नियमों को दरकिनार कर अवैध वसूली की गई और लाखों रुपए का खेल हुआ। दिल्ली क्राइम ब्रांच ने शिकायतों के आधार पर पहले जांच शुरू की थी। प्रारंभिक जांच में अहम सबूत मिलने के बाद टीम ने बिलासपुर पहुंचकर जिला प्रशासन से संपर्क किया और संबंधित कर्मचारी के कार्यकाल से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड तलब किया। इसके बाद कर्मचारी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर आवश्यक दस्तावेजों सहित दिल्ली ले जाया गया, जहां उससे गहन पूछताछ की जाएगी।
सूत्रों का कहना है कि पूछताछ के दौरान इस नैटवर्क से जुड़े अन्य नाम भी सामने आ सकते हैं। यदि जांच में अन्य अधिकारी या बाहरी लोग संलिप्त पाए गए तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल दिल्ली क्राइम ब्रांच की इस कार्रवाई से पूरे सरकारी महकमे में हड़कंप मचा हुआ है और आर.एल.ए. ब्रांच के पुराने रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार का कहना है कि मामला काफी पुराना है। गिरफ्तार कर्मचारी उस समय आरएलए ब्रांच में डीलिंग हैंड के पद पर तैनात था। दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम आवश्यक दस्तावेजों के साथ उसे पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई है। जांच एजैंसी को पूरा सहयोग दिया जा रहा है।

