धर्मशाला की बेटी दिव्या ने रचा इतिहास, 22 साल की उम्र में पहले ही प्रयास में बनीं HAS; कॉलेज ने किया सम्मानित
punjabkesari.in Saturday, Apr 11, 2026 - 05:39 PM (IST)
Himachal News : हिमाचल प्रदेश की बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी सफलता का परचम लहरा रही हैं। इसी कड़ी में कांगड़ा जिले के धर्मशाला की रहने वाली दिव्या ज्योति कटोच ने एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिसने पूरे प्रदेश को गौरवान्वित कर दिया है। महज 22 वर्ष की उम्र में दिव्या ने अपने पहले ही प्रयास में प्रतिष्ठित हिमाचल प्रशासनिक सेवा (HAS) की परीक्षा उत्तीर्ण कर यह साबित कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत अटूट, तो उम्र का फासला सफलता में बाधा नहीं बनता। विशेष बात यह है कि दिव्या वर्तमान में डीसी कार्यालय कांगड़ा में बतौर तहसीलदार प्रशिक्षण ले रही हैं और अब वे प्रशासनिक अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं देंगी।
कॉलेज से सीधा 'प्रशासन' का सफर
दिव्या ज्योति कटोच धर्मशाला के सिविल लाइन क्षेत्र की रहने वाली हैं और राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला की मेधावी छात्रा रही हैं। उन्होंने साल 2024 में इसी महाविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की थी। डिग्री पूरी होने के एक वर्ष के भीतर ही उन्होंने 2025 में हिमाचल की सबसे कठिन मानी जाने वाली HAS परीक्षा को क्रैक कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उनकी इस कामयाबी पर राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला में एक भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। प्राचार्य प्रोफेसर राकेश पठानिया और अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. नरेश शर्मा समेत पूरे स्टाफ ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
शिक्षण संस्थान के लिए गर्व का क्षण
अपनी इस बड़ी जीत का श्रेय दिव्या ने अपने माता-पिता, भूपिंदर चंद कटोच और अनुपमा कटोच, तथा अपने गुरुजनों को दिया है। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर राकेश पठानिया ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, "दिव्या ने न केवल अपने माता-पिता का सिर ऊंचा किया है, बल्कि इस संस्थान का नाम भी रोशन किया है। उनकी यह सफलता हमारे कॉलेज के अन्य विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणा स्रोत बनेगी।" अपनी उपलब्धि से उत्साहित दिव्या ने अन्य छात्रों, विशेषकर लड़कियों को संदेश देते हुए कहा कि प्रशासनिक सेवाओं में आने के लिए अनुशासन और सही योजना सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर बेटियां ठान लें, तो उनके लिए कोई भी मंजिल दूर नहीं है।

