AIIMS बिलासपुर बनेगा और भी हाईटैक: अब स्थानीय स्तर पर मिलेगा वर्ल्ड क्लास इलाज
punjabkesari.in Wednesday, Jan 07, 2026 - 04:21 PM (IST)
बिलासपुर, (बंशीधर): अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक और अहम कदम उठाया जा रहा है। एम्स प्रशासन संस्थान में अत्याधुनिक शल्य चिकित्सा, नेत्र रोग उपचार और सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण उपकरणों की स्थापना की तैयारी में जुटा है, जिससे मरीजों को उन्नत इलाज स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेगा और चिकित्सकों व प्रशिक्षुओं को आधुनिक तकनीक से लैस प्रशिक्षण मिलेगा। जानकारी के अनुसार एम्स में शीघ्र ही इंस्ट्रूमेंट सैट, सर्जिकल इंस्ट्रूमेंट सैट और सर्जिकल ड्रेप्स स्थापित किए जाएंगे।
इनसे ऑप्रेशन थिएटर की कार्यप्रणाली और संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी, जिससे जटिल सर्जरी को सुरक्षित और प्रभावी ढंग से अंजाम दिया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त नेत्र रोग विभाग को भी अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। इसके तहत ऑफ्थैल्मिक चेयर यूनिट, स्टेराइल ऑफ्थैल्मिक इरिगेशन सॉल्यूशन, ऑफ्थैल्मिक एन.डी. लेजर, ऑफ्थैल्मिक ऑप्रेटिंग माइक्रोस्कोप तथा ऑफ्थैल्मिक अल्ट्रासाऊंड ए-बी स्कैन जैसे उपकरण स्थापित किए जाएंगे।
इन सुविधाओं के शुरू होने से आंखों की जटिल जांच, लेजर उपचार और सूक्ष्म शल्य क्रियाएं अब एम्स बिलासपुर में ही संभव हो सकेंगी, जिससे मरीजों को बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। चिकित्सा शिक्षा और कौशल विकास को नई दिशा देने के लिए एम्स में सी.एन.सी. सिम्युलेटर, ऑगमेंटेड वैल्डिंग सिम्युलेटर और ड्राइविंग ट्रेनिंग सिम्युलेटर भी स्थापित किए जाएंगे।
सिमुलेशन तकनीक के माध्यम से बिना किसी जोखिम के व्यावहारिक प्रशिक्षण संभव होगा, जिससे प्रशिक्षुओं की दक्षता बढ़ेगी और कार्यस्थल सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। एम्स प्रशासन का कहना है कि इन अत्याधुनिक उपकरणों की स्थापना से संस्थान की उपचार और प्रशिक्षण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे एक ओर मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवाएं यहीं उपलब्ध होंगी, वहीं दूसरी ओर चिकित्सा एवं तकनीकी क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा।

