शिमला में पुलिस का ACTION: भारी नशे की खेप के साथ पकड़े नशा तस्कर
punjabkesari.in Saturday, Jan 17, 2026 - 12:51 PM (IST)
हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश में नशे के सौदागरों के खिलाफ शिमला पुलिस ने अपनी मुस्तैदी बढ़ा दी है। ताज़ा कार्रवाई में पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में जाल बिछाकर भारी मात्रा में 'चिट्टा' (हेरोइन) बरामद की है। इन गिरफ्तारियों में न केवल स्थानीय युवक, बल्कि बाहरी राज्यों के पढ़े-लिखे पेशेवर और महिलाएं भी शामिल हैं, जो प्रदेश की नसों में ज़हर घोलने का काम कर रहे थे।
1. ढल्ली में हाई-प्रोफाइल नेटवर्क का पर्दाफाश
थाना ढल्ली के तहत पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 50.340 ग्राम हेरोइन बरामद की है। इस मामले में पकड़े गए आरोपियों के तार उत्तर प्रदेश और मेघालय से जुड़े हैं, जो राज्य में नशीले पदार्थों की बड़ी खेप पहुँचाने की कोशिश में थे।
गिरफ्तार आरोपी: नित्यम धीर (32 वर्ष), निवासी नोएडा (यूपी) और पूर्णिमा लम्पाग (34 वर्ष), निवासी री भोई (मेघालय)।
कानूनी कार्रवाई: पुलिस ने इनके खिलाफ FIR संख्या 05/26 के तहत ND&PS एक्ट की धारा 21 और 29 के तहत मामला दर्ज किया है।
2. कुमारसैन में दो अलग-अलग छापेमारी: 7 तस्कर काबू
कुमारसैन पुलिस ने भी सक्रियता दिखाते हुए नशे की सप्लाई चेन पर दोहरी चोट की है। यहाँ दो अलग-अलग मामलों में कुल सात लोगों को हिरासत में लिया गया है।
पहला मामला (FIR 03/26): पुलिस ने गश्त के दौरान 2.30 ग्राम चिट्टा बरामद कर दो युवकों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सचिन श्याम (34 वर्ष) निवासी ननखरी और आरुष मेहता (24 वर्ष) निवासी कुमारसैन के रूप में हुई है।
दूसरा मामला (FIR 04/26): एक अन्य बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने 4.70 ग्राम हेरोइन के साथ पाँच लोगों के गिरोह को दबोचा है। इस समूह में रामपुर और कुमारसैन क्षेत्र के स्थानीय निवासी शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों में:
मुश्ताक अली (25 वर्ष) और माशूम अली (23 वर्ष) निवासी रामपुर।
रविंदर कुमार (37 वर्ष), रविंदर कुमार (44 वर्ष) और किशन कुमार (31 वर्ष) निवासी कुमारसैन।
जांच का दायरा और पुलिस की रणनीति
इन सभी मामलों में पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि इन तस्करों को नशे की यह सप्लाई कहाँ से मिल रही थी और शिमला के किन इलाकों में इनकी डिलीवरी होनी थी। अधिकारियों का मानना है कि इन गिरफ्तारियों से नशे के बैकवर्ड लिंकेज (मुख्य सप्लायर) तक पहुँचने में मदद मिलेगी।

