Himachal Govt Jobs: मेडिकल कॉलेजों में भरे जाएंगे सहायक प्रोफैसरों के 75 पद, सरकार ने दी मंजूरी

punjabkesari.in Wednesday, Jun 24, 2026 - 12:34 PM (IST)

शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था का कायाकल्प करने और चिकित्सा शिक्षा को नए मुकाम पर ले जाने की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। प्रदेश के 5 प्रमुख सरकारी मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ शिक्षकों (असिस्टैंट प्रोफैसरों) की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने 75 नए पदों के सृजन और उन्हें भरने की औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी है। सरकार का यह कदम न केवल मेडिकल छात्रों के भविष्य को संवारेगा, बल्कि प्रदेश के अस्पतालों में मरीजों को विश्वस्तरीय इलाज भी सुनिश्चित करेगा।

इन 5 प्रमुख मेडिकल कॉलेजों को मिलेगी मजबूती
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के बाद इन पदों को भरने की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है। नवसृजित पदों को प्रदेश के उन प्रमुख सरकारी मेडिकल कॉलेजों में वितरित किया गया है, जहां लंबे समय से विशेषज्ञ संकाय की कमी महसूस की जा रही थी। इनमें डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा, डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज नाहन, श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक (मंडी), जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चम्बा और डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर शामिल है।

12 विभागों में भरे जाएंगे 75 पद
मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या और जटिल बीमारियों के इलाज को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने कुल 12 महत्वपूर्ण विभागों में इन पदों को मंजूरी दी है। जानकारी के अनुसार रेडियो-डायग्नोसिस विभाग में 13 पद, स्त्री रोग एवं प्रसूति विभाग में 9 पद, बाल रोग विभाग में 8 पद, सामान्य चिकित्सा विभाग में 6 पद, सामान्य सर्जरी विभाग में 5 पद, पल्मोनरी मेडिसिन विभाग में 5 पद, कार्डियोलॉजी विभाग में 5 पद, माइक्रोबायोलॉजी विभाग में 5 पद, मनोरोग विभाग में 5 पद, ईएनटी विभाग में 5 पद, पैथोलॉजी विभाग में 5 पद और बायोकेमिस्ट्री विभाग में 4 पद भरे जाएंगे। 

नाहन-चम्बा को मिला कार्डियोलॉजी ‌विभाग का तोहफा
इस सरकारी फैसले का सबसे क्रांतिकारी और मानवीय पहलू मेडिकल कॉलेज नाहन और चंबा से जुड़ा है। लगातार बढ़ रहे हृदय रोगों के मामलों को देखते हुए सरकार ने इन दोनों संस्थानों में कार्डियोलॉजी विभाग स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत दोनों ही कॉलेजों में कार्डियोलॉजी के असिस्टैंट प्रोफैसर (सुपर स्पैशियलिटी) के पद सृजित किए गए हैं। अब भविष्य में इन दुर्गम क्षेत्रों के मरीजों को दिल के इलाज और विशेषज्ञ परामर्श के लिए चंडीगढ़, दिल्ली या अन्य बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। हिमाचल प्रदेश का भौगोलिक स्वरूप बेहद चुनौतीपूर्ण है, जिसके कारण कई ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्र आज भी विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं से पूरी तरह नहीं जुड़ पाए हैं। नए डॉक्टरों की इस तैनाती से दूरदराज के मरीजों को जांच, परामर्श और इलाज के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा।

पारदर्शी तरीके से होगी भर्ती
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इन सभी 75 पदों को पूरी पारदर्शिता के साथ मौजूदा भर्ती एवं पदोन्नति  नियमों के तहत ही भरा जाएगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य देश के योग्य और अनुभवी चिकित्सा विशेषज्ञों को प्रदेश के संस्थानों से जोड़ना है, ताकि आम जनता को बिना किसी बाधा के बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। आने वाले वर्षों में सरकार का यह कदम हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

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Content Writer

Vijay

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