भारतीय सेना की अटूट आस्था! नवरात्रि पर 6 डोगरा रैजीमैंट ने मां चिंतपूर्णी के दरबार में चढ़ाई ऐसी भेंट, देखते ही रह गए श्रद्धालु
punjabkesari.in Tuesday, Mar 24, 2026 - 05:25 PM (IST)
चिंतपूर्णी (राकेश): विश्व विख्यात शक्तिपीठ मां चिंतपूर्णी के दरबार में चैत्र नवरात्रि के छठे दिन आस्था और समर्पण का एक अनूठा नजारा देखने को मिला। भारतीय सेना की 6 डोगरा रैजीमैंट ने माता के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा प्रकट करते हुए मंदिर में पीतल के 2 विशाल और बेहद आकर्षक शेर भेंट किए हैं। मंगलवार को रैजीमैंट के प्रतिनिधियों ने मंदिर न्यास के अधिकारियों को विधिवत रूप से ये शेर सौंप दिए, जो सेना के जवानों की धार्मिक आस्था को दर्शाते हैं।
मुख्य प्रवेश द्वार की शोभा बढ़ाएंगे शेर
रैजीमैंट की ओर से मंदिर पहुंचे पूर्व सूबेदार राकेश कुमार ने इस भव्य भेंट की विस्तृत जानकारी सांझा की। उन्होंने बताया कि ये दोनों शेर उच्च गुणवत्ता वाली पीतल धातु से विशेष रूप से तैयार करवाए गए हैं। कला और भव्यता की दृष्टि से अद्भुत इन मूर्तियों में से प्रत्येक शेर का वजन लगभग 220 से 230 किलोग्राम के बीच है। इनकी चमक और शानदार बनावट को देखते हुए इन्हें मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार (मेन गेट) पर स्थापित किया जाएगा, जहां से गुजरकर श्रद्धालु माता के दर्शनों के लिए मंदिर में प्रवेश करते हैं।
श्रीनगर में तैनात है रैजीमैंट, कर्नल रावत के नेतृत्व में हुआ कार्य
यह विशेष सेवा कार्य 6 डोगरा रैजीमैंट के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल रविंद्र सिंह रावत के कुशल मार्गदर्शन और नेतृत्व में संपन्न हुआ है। उन्हीं की देखरेख में इन मूर्तियों का निर्माण करवाकर इन्हें सुरक्षित मां के दरबार तक पहुंचाया गया। गौरतलब है कि 6 डोगरा रैजीमैंट वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर स्थित पट्टन हैदरबेग क्षेत्र में तैनात है। मोर्चे पर तैनात जवानों द्वारा भेजी गई यह अनुपम भेंट उनकी मां चिंतपूर्णी के प्रति असीम कृपा और समर्पण का प्रतीक है।
ज्वाला माता और बाबा बालक नाथ जी के दरबार में भी सेवा
पूर्व सूबेदार राकेश कुमार ने बताया कि डोगरा रैजीमैंट के जवानों के लिए मां के प्रति श्रद्धा प्रकट करने का यह एक विशेष अवसर है। यह पहली बार नहीं है जब रैजीमैंट ने ऐसी सेवा की हो। इससे पहले भी रैजीमैंट द्वारा जम्मू के ज्वाला माता मंदिर में 2 शेर भेंट किए जा चुके हैं। इसके अलावा, बाबा बालक नाथ जी के मंदिर के लिए भी विशेष प्रतिमाएं (मोर और बाबा जी की मूर्ति) तैयार करवाई गई हैं, जिन्हें जल्द ही वहां अर्पित किया जाएगा।
मंदिर न्यास ने सेना की पहल का किया स्वागत
इन शेरों को मंदिर अधिकारी संजीव प्रभाकर के माध्यम से मंदिर न्यास चिंतपूर्णी के विधिवत सुपुर्द किया गया। मंदिर अधिकारी संजीव प्रभाकर ने बताया कि 6 डोगरा रैजीमैंट द्वारा पीतल के दो शेर मां चिंतपूर्णी के दरबार में अर्पित करना, भारतीय सेना के जवानों के माता के प्रति अटूट विश्वास और अगाध आस्था का साक्षात प्रमाण है। प्रशासन ने सेना की इस पहल का खुले दिल से स्वागत करते हुए कहा कि इन शेरों की स्थापना से मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण और भव्यता में चार चांद लग जाएंगे।

