खत्म हुआ बागवानों का इंतजार, केंद्र ने इस मिशन के तहत हिमाचल को जारी किए 5.21 करोड़

1/19/2020 10:41:20 PM

शिमला (ब्यूरो): केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत हिमाचल प्रदेश को 5.21 करोड़ की ग्रांट जारी की है। केंद्र द्वारा जारी किया गया बजट बागवानों को सबसिडी के तौर पर दिया जाएगा। प्रदेश के बागवान लंबे समय से सबसिडी के लिए बागवानी विभाग के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। मौजूदा वित्त वर्ष के लिए केंद्र ने यह दूसरी किश्त हिमाचल को दी है। केंद्र प्रायोजित इस योजना का वित्त पोषण 90:10 के अनुपात में हो रहा है। इसे देखते हुए केंद्र ने हिमाचल सरकार को 10 फीसदी स्टेट शेयर डालकर तय समय में खर्च करने को कहा है।

बागवानों को लंबे समय से नहीं मिल रही थी सबसिडी

उल्लेखनीय है कि एकीकृत बागवानी विकास मिशनके तहत बागवानों को आधुनिक खेती अपनाने के लिए सबसिडी दी जाती है। प्रदेश में एंटी हेलनैट, जल संचयन टैंक, पॉलीहाऊस व पावर टिल्लर समेत अन्य कृषि उपकरण खरीदने के लिए बागवानों को सबसिडी दी जाती है। राज्य सरकार की माली वित्तीय हालत के कारण प्रदेश के बागवानों को लंबे समय से सबसिडी नहीं मिल पा रही है, ऐसे में केंद्र द्वारा 5.21 करोड़ की ग्रांट जारी करने के बाद कुछेक बागवानों को सबसिडी की लंबित राशि दी जाएगी। केंद्र ने 27 लाख रुपए ट्राइबल सब प्लान के तहत दिए हैं जबकि 4.94 करोड़ रुपए सामान्य प्लान के तहत दिए गए हैं।

एंटी हेलनैट पर सबसिडी को दिए 20 करोड़

राज्य सरकार ने अपनी एंटी हेलनैट योजना के तहत बागवानी विभाग को 20 करोड़ की ग्रांट जारी की है। यह पैसा एंटी हेलनैट की सबसिडी के लिए ही दिया गया है। प्रदेश में बीते 5-6 सालों से बागवानों को एंटी हेलनैट पर अनुदान नहीं मिल पाया है, ऐसे में 20 करोड़ की सबसिडी रिलिज करने के बाद ज्यादातर बागवानों को अनुदान मिल जाएगा।

केंद्र ने जारी की दूसरी किस्त

बागवानी विभाग के निदेशक एमएम शर्मा ने बताया कि एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत केंद्र ने दूसरी किस्त जारी कर दी है। प्रदेश में इससे अनुदान की लाइबिलिटी पूरी की जाएगी।


Vijay

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