Himachal: रूस गए ऊना के 2 युवक लापता, अज्ञात कॉलर ने रिहाई के बदले परिजनों से मांगी मोटी रकम
punjabkesari.in Thursday, Jan 22, 2026 - 11:53 AM (IST)
ऊना (सुरेन्द्र): देवभूमि हिमाचल के ऊना जिले से एक चिंताजनक मामला सामने आया है। उज्ज्वल भविष्य और रोजी-रोटी की तलाश में विदेश गए दो युवक अब जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। जिला ऊना के जोल क्षेत्र के रहने वाले दो युवक ट्रैवल एजैंटों के झांसे में आकर रूस तो पहुंच गए, लेकिन अब वहां से उनके लापता होने और सेना की कैद में होने की खबरें आ रही हैं। पीड़ित परिवारों ने केंद्र सरकार और स्थानीय सांसद से अपने बेटों की सकुशल वतन वापसी की गुहार लगाई है।
चंडीगढ़ के एजैंटों ने लिया था 4-4 लाख का ठेका
परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार उनके बेटों ने चंडीगढ़ के सैक्टर-34 स्थित 2 ट्रैवल एजैंटों से संपर्क किया था। एजैंटों ने रूस में वर्क वीजा लगवाने का वायदा किया और इसके बदले प्रत्येक युवक से 4-4 लाख रुपए की राशि वसूली। तय समझौते के मुताबिक एजैंटों ने 20 सितम्बर, 2025 को दोनों युवकों को रूस के लिए रवाना कर दिया।
अचानक बंद हुए फोन और फिर आया डरावना कॉल
रूस पहुंचने के शुरूआती कुछ महीनों तक सब कुछ सामान्य रहा और युवकों की परिजनों से बात होती रही, लेकिन अचानक दोनों के फोन स्विच ऑफ हो गए और संपर्क पूरी तरह टूट गया। इसके कुछ दिनों बाद परिजनों को एक अज्ञात नंबर से कॉल आई, जिसने उनकी नींद उड़ा दी। कॉल करने वाले ने दावा किया कि दोनों युवक सीमा पार करने की कोशिश कर रहे थे, तभी उन्हें सेना ने पकड़ लिया और अब वे कैद में हैं।
रिहाई के नाम पर मांगे लाखाें रुपए
अज्ञात कॉलर ने युवकों को छुड़वाने के एवज में लाखों रुपए की मांग की। डरे-सहमे परिजनों ने अपने बेटों की सुरक्षा की खातिर आनन-फानन में बताए गए खाते में 40 हजार रुपए की पहली किस्त भेज दी, लेकिन पैसे भेजने के बावजूद न तो युवकों से बात करवाई गई और न ही उनकी रिहाई की कोई खबर मिली। जब रुपयों की मांग लगातार बढ़ने लगी और युवकों का कोई सुराग नहीं मिला तो परिजनों ने पैसे भेजना बंद कर दिया।
परिजनाें ने सरकार से लगाई मदद की गुहार
ठगी और अनहोनी की आशंका से घिरे दोनों परिवारों ने अब प्रशासन, स्थानीय सांसद और केंद्र सरकार से मदद की अपील की है। उन्होंने युवकों के पासपोर्ट नंबर और अन्य दस्तावेज सांझा करते हुए मांग की है कि मामले में तुरंत हस्तक्षेप किया जाए और उनके बेटों को सुरक्षित भारत वापस लाया जाए।

