कलगीधर सोसाइटी को ''वर्ल्ड ह्यूमैनिटी कमिशन'' ने किया सम्मानित

5/26/2020 2:32:47 PM

सिरमौर:  वर्ल्ड ह्यूमैनिटी कमिशन, जिसका मुख्यालय न्यूयॉर्क में स्थित है, ने हिमाचल प्रदेश में स्थित शैक्षणिक और सामाजिक एनजीओ कलगीधर सोसाइटी को मानवता के लिए बिना किसी जाति, रंग, पंथ या धर्म के भेदभाव के पूर्ण प्रतिबद्धता से किए गए उनके बहुमूल्य योगदान के लिए प्रशंसा पत्र से सन्मानित किया है।

सोसाइटी को ’दुनिया भर में मानवता के पाठ को बढ़ावा देने के लिए' प्रशंसा प्रमाणपत्र प्राप्त हुआ है जिसे उनके विभिन्न कार्यालयों में सम्मानपूर्वक प्रदर्शित किया जाएगा। WHC ने ये प्रशंसा पत्र सोसाइटी द्वारा उत्तर भारत में 129 स्कूलों (अकाल अकादमियों) के माध्यम से लगभग 70,000 ग्रामीण बच्चों को प्रदान की जा रही कम लागत वाली मूल्यों-आधारित शिक्षा के लिए; प्रभावशाली महिला सशक्तीकरण अभियान "टीचर्स ट्रेनिंग" के अन्तर्गत 2500 ग्रामीण महिलाओं (प्रतिदिन बढ़ती संख्या) को प्रशिक्षित करने पर, इसके अलावा सोसाइटी द्वारा किये गए मानवता राहत कार्यक्रमों विशेष रूप से 2005 में कश्मीर भूकंप, 2018 में केरल बाढ़, 2019 में पंजाब बाढ़ और हाल ही में COVID-19 लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मज़दूरों और सिकलीगरों को मुफ्त भोजन वितरण और पुनर्वास के प्रयासों के लिए दिया है। यह आधुनिक वैज्ञानिक और आध्यात्मिक शिक्षा के संश्लेषण का एक अनूठा मॉडल है जिसमे छात्रों को उनकी जाति, पंथ, क्षेत्र, धर्म और सामाजिक स्थिति की भेदभाव किए बिना शिक्षा प्रदान की जाती है।

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विश्व मानवता आयोग एक न्यूयॉर्क आधारित संगठन है जिसे मानवीय चेतना और सार्वभौमिक शांति की स्थिरता के प्रति सेवा को बढ़ावा देकर एक सुरक्षित और बेहतर समाज के निर्माण की दिशा में काम करने के लिए समर्पित किया गया है।

प्रमाण पत्र की घोषणा मास्टर ओंकार बत्रा (कौंसिल ऑफ़ यंग एम्बेसडरज़, युवा राजदूतों की परिषद, भारत - विश्व मानवता आयोग), द्वारा की गयी जो स्वयं एक विलक्षण गुण-संपन्न व्यक्तित्व है, जो दुनिया के सबसे कम उम्र के लेखक और दुनिया के सबसे कम उम्र के वेबमास्टर भी हैं। ओंकार को भारत के राष्ट्रपति द्वारा बच्चों के लिए भारत के सबसे प्रतिष्ठित और सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार यानी 'राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2020' सहित विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। इस पुरस्कार की घोषणा करते हुए ओंकार ने कहा, “WHC ने एक समग्र सेवा पैकेज देने के लिए अपना लक्ष्य निर्धारित किया है जो दुनिया भर के बच्चों को प्रेरित, शिक्षित और सशक्त करेगा और हमने कलगीधर सोसाइटी के मूल्यों पर आधारित शिक्षा, प्रेरणा, सशक्तिकरण, सामाजिक-विकास और राष्ट्र-निर्माण में एक ट्रेंड-सेटिंग सम्पूर्ण मॉडल पाया है।

कलगीधर सोसाइटी, बडू साहिब के सचिव डॉ दविंदर सिंह के अनुसार, ''सरल जीवन, उच्च सोच, प्रेम, करुणा, ईमानदारी और अखंडता, व्यावसायिकता के स्थायी मूल्यों पर अपना सतत ध्यान केंद्रित करते हुए यह सफर हमारे लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। यह हमारी टीम के लिए बहुत गर्व की बात है कि 34 वर्षों में हम उत्तर भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्ता मूल्यों-आधारित शिक्षा के लिए पूर्ण बेंचमार्क होने में सक्षम हुए हैं। यह प्रमाण पत्र हमारी दशकों से ग्रामीण उत्तर भारत में जीवन के सभी पहलुओं जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक-आर्थिक-नैतिक सशक्तीकरण की नायाब सेवा के लिए हवा के एक ताजा झोंके के रूप में आया है।

डॉ नीलम कौर, प्रिंसिपल (अकाल एकेडमी आईबी वर्ल्ड स्कूल) जो एक प्रसिद्ध शिक्षाविद् और प्रसिद्ध स्वास्थ्य पेशेवर है, ने कहा, “अकाल अकादमियाँ शिक्षा के वह पवित्र स्थान हैं जो सबसे सरल और सबसे वंचित मानव प्रतिभा को आकर्षित और पोषित करती हैं और उनके लिए विज्ञान, कला और उन्नत सोच के लिए नए द्वार खोलती हैं। छात्र आंतरिक और बाहरी दुनिया की खोज नए दृष्टिकरण से करते हैं, जिसकी उन्होंने पहले कभी कल्पना नहीं की थी। हम बच्चे के दिल को ऐसे ढालते है कि वह प्यार और करुणा फैलाए। हम अपने आस-पास के समाज को जाँचते है, उसके फायदे और उसके खतरों की जांच करते हैं, और दुनिया को सुरक्षित, शांतिपूर्ण, टिकाऊ, संवेदनशील, अधिक न्यायसंगत जगह बनाने के तरीके विकसित करते हैं। हमारे पूर्व छात्र भी समान रूप से उत्कृष्ट हैं, और समाज को आकार देने के लिए उनका नेतृत्व, रचनात्मकता और नवाचार के साथ अभी भी सादगी और संवेदनशीलता के साथ बुनियादी मूल्यों के लिए दृढ़ता से निहित हैं।"

ऐसे संगठनों को उनकी 'मानस की जात सभै एके पेहचानबो' व् 'मानवता का पाठ' के उनके आध्यात्मिक संदेश के लिए मान्यता प्रदान होना हमेशा ताजगीपूर्ण होता है।


कलगीधर सोसाइटी के बारे में:

कलगीधर सोसाइटी, बडू साहिब हिमाचल प्रदेश में आधारित एक गैर-लाभकारी धर्मार्थ संगठन है जो ड्रग्स और शराब के दुरुपयोग में होने वाली खतरनाक वृद्धि से लड़ने के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने पर केंद्रित है। हेल्थकेयर, महिला सशक्तीकरण और समाज कल्याण पर समान प्राथमिकता के साथ, 129 निम्न लागत वाले ग्रामीण स्कूलों की श्रृंखला के माध्यम से उत्तर भारत के दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान में कलगीधर सोसाइटी, बडू साहिब ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 2 निजी विश्वविद्यालय, शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र (टीचर्स ट्रेनिंग सेंटर) जो 2500 ग्रामीण लड़कियों को सशक्त करते हैं, एक नि:शुल्क धर्मार्थ अस्पताल जहाँ हिमाचल प्रदेश के दूर-दराज के पहाड़ी क्षेत्रों के निवासिओं के लिए सालाना चार नि:शुल्क चिकित्सा शिवर के अलावा निशुल्क शल्य चिकित्सा शिवर आयोजित किये जाते है, तीन ड्रग्स डी-एडिक्शन सेंटर, एक अनाथालय, एक ओल्ड एज होम और व्यथित महिलाओं के लिए एक पुनर्वास केंद्र चलाते है।
 


Edited By

Anil dev

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