पद बड़ा, पर दिल उससे भी बड़ा, लाखों की सैलरी ठुकरा कर 1 रूपए वेतन ले रहा कैबिनेट रैंक का ये नेता, जानें इनके बारे में...
punjabkesari.in Saturday, Feb 14, 2026 - 11:39 AM (IST)
Shimla News: हिमाचल प्रदेश में जारी गंभीर वित्तीय संकट के बीच मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (IT) गोकुल बुटेल ने सादगी और कर्तव्यनिष्ठा की एक नई मिसाल पेश की है। बुटेल ने आधिकारिक घोषणा की है कि वह आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान भी अपने पद के बदले मिलने वाला भारी-भरकम वेतन और भत्ते स्वीकार नहीं करेंगे। वे इस साल भी मात्र 1 रुपये का टोकन मानदेय लेकर अपनी सेवाएं देना जारी रखेंगे।
वेतन के साथ टीए-डीए का भी त्याग
गोकुल बुटेल ने सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि वे वेतन के अलावा यात्रा भत्ता (TA) या दैनिक भत्ता (DA) जैसी सुविधाएं भी नहीं लेंगे। उन्होंने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि वे अपने निवास के खर्च और सरकारी वाहन से संबंधित शुल्क का भुगतान भी स्वयं की जेब से कर रहे हैं। गौरतलब है कि बुटेल ने वर्ष 2023 से अब तक सरकारी खजाने से अपना वेतन नहीं निकाला है।
ढाई लाख रुपये है निर्धारित वेतन
पदों के हिसाब से गोकुल बुटेल का मासिक वेतन और भत्ते लगभग 2.50 लाख रुपये बनते हैं, जिसे उन्होंने प्रदेश हित में छोड़ने का निर्णय लिया है। उन्होंने अपनी बात को पुख्ता करने के लिए विभाग को भेजे गए पत्र और जमा की गई रसीदें भी सार्वजनिक कीं। उनके साथ ही जोगिंद्रनगर के विधायक प्रकाश राणा ने भी अपना मानदेय न लेने का ऐलान कर इस मुहिम को मजबूती दी है।
"पद नहीं, सेवा महत्वपूर्ण"
बुटेल ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा, "मेरा संकल्प प्रदेश की सेवा करना है। जब राज्य आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा हो, तब नेतृत्व को आगे आकर त्याग करना चाहिए। मेरे लिए पद से ज्यादा महत्वपूर्ण सेवा है।"

