परीक्षा केंद्रों के प्रिंसिपल करवाएंगे दसवीं के हिंदी के पेपर का मूल्यांकन

2021-06-07T11:00:34.58

धर्मशाला (नवीन): दसवीं कक्षा का रिजल्ट बनाने के लिए हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने प्रक्रिया शुरु कर दी है। दसवीं कक्षा में एक मात्र हुए हिंदी के पेपर का मूल्यांकन परीक्षा केंद्रों के प्रिंसिपल करवाएंगे। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड हिंदी के पेपर के मूल्यांकन का जिम्मा परीक्षा केंद्रों के प्रिंसिपल को देने की तैयारी कर रहा है। यह प्रिंसिपल कुछ स्कूलों का चयन करेंगे, जहां पर हिंदी के पेपर का मूल्यांकन होगा। वहीं 12वीं कक्षा में हुए एक मात्र अंग्रेजी के पेपर का मूल्यांकन होगा, इसका निर्णय बोर्ड अभी तक नहीं कर पाया है। बोर्ड अभी सी.बी.एस.ई. के क्राइटएरिया का इंतजार कर रहा है। स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से 246 कलेक्शन केंद्र बनाए गए थे। जानकारी के मुताबिक दसवीं के परीक्षा परिणाम तैयार करने के लिए प्री.बोर्ड, फस्ट टर्म, सैकेंड टर्म, इंटरनल असेस्मेंट, एक मात्र हुए पेपर के अंक सहित अन्य मानकों को शामिल किया जाएगा जिसके चलते स्कूल शिक्षा बोर्ड दसवीं के हिंदी के पेपर का मूल्यांकन करवाएगा। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष कोरोना के कारण आंशरसीट का मूल्यांकन अध्यापकों द्वारा अपने घरों में किया गया था।

प्रत्येक स्कूल में बनेगी कमेटियां

स्कूल शिक्षा बोर्ड की मानें तो रिजल्ट मंगवाने के लिए प्रत्येक स्कूल में कमेटियां बनेगी। इन कमेटियों में रिजल्ट टेबुलेशन कमेटी, डेटा एंट्री कमेटी व रिजल्ट टेबुलेशन वेरीफिकेशन कमेटी सहित अन्य शामिल हैं। डेटा एंट्री कमेटी रिजल्ट टेबुलेशन कमेटी के हैड के अंदर बनेगी। रिजल्ट टेबुलेशन वेरीफिकेशन कमेटी में सीनियर प्रिंसिपल होंगे व कुछ टी.जी.टी. शामिल होंगे। यह रिकार्ड को वैरीफाई करेंगे कि स्कूल द्वारा रिकार्ड की सही से एंट्री हुई है कि नहीं। स्कूल डेटा को ऑनलाइन बोर्ड को भेजेंगे तथा ऑफलाइन अपने स्कूल में रखेंगे। उक्त रिकार्ड की हार्ड कॉपी स्कूल शिक्षा बोर्ड के कार्यालय को भेजनी होगी। यदि बोर्ड को शिकायत प्राप्त हुई कि डेटा से छेड़छाड़ हुई है तो बोर्ड उस रिकार्ड को चैक भी करेगा। रिकार्ड में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित कमेटी जिम्मेदार होगी। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डाॅ. सुरेशकुमार सोनी ने कहा कि दसवीं कक्षा के हिंदी के पेपर की चेकिंग करवाने की जिम्मेदारी परीक्षा केंद्रों के प्रिंसिपल को दी जाएगी। स्कूलों में कई कमेटियों का गठन किया जाएगा। 


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Content Writer

prashant sharma

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