BSNL के दिन फिरेंगे! हिमाचल में दूरसंचार बुनियादी ढांचा होगा मजबूत, केंद्र ने संसद में दिया आश्वासन
punjabkesari.in Saturday, Feb 14, 2026 - 10:43 AM (IST)
Shimla News: केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश में भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के सिग्नल की खराब गुणवत्ता और बार-बार ‘वॉयस कॉल' कटने की चिंताओं पर संसद को आश्वासन दिया है कि राज्य में दूरसंचार बुनियादी ढांचे को मजबूत करने तथा दूरसंचार घनत्व को बढ़ाने के लिए ठोस उपाय किये जा रहे हैं। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान कहा कि सरकार ने केबल फॉल्ट, मरम्मत की समय सीमा और बेस ट्रांससीवर स्टेशन (बीटीएस) अपटाइम सहित परिचालन और वित्तीय मानकों पर ध्यान केंद्रित करते हुए बीएसएनएल सकिर्लों की मासिक और त्रैमासिक प्रदर्शन समीक्षा शुरू की है।
'लक्ष्य कम से कम 95 प्रतिशत अपटाइम सुनिश्चित करना'
सिंधिया ने कहा, 'लक्ष्य कम से कम 95 प्रतिशत अपटाइम सुनिश्चित करना है। साथ ही जहां आवश्यक हो वहां और कर्मियों की फिर से तैनाती की जाएगी।' गौरतलब है कि बीटीएस वह उपकरण/स्टेशन होता है जो मोबाइल फोन और मोबाइल नेटवर्क के बीच वायरलेस सिग्नल के जरिए संचार स्थापित करता है। बीटीएस अपटाइम का मतलब है कि बीटीए दिन के कितने समय सुचारू रूप से काम करता है। प्रश्नकाल के दौरान शिमला के सांसद सुरेश कश्यप ने बीएसएनएल में कर्मचारियों की भारी कमी और राज्य के दूरदराज तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार नेटवर्क असफल होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि कई गांव अभी भी बुनियादी 2जी संपर्क के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जबकि निवासियों को भारी बफर्बारी और बारिश के दौरान बार-बार ‘कॉल ड्रॉप' और लंबी सेवा कटौती का सामना करना पड़ता है।
कश्यप ने सदन को सूचित किया कि सीनियर सब-डिवीजनल इंजीनियरों (एसडीई) के 192 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 81 कार्यरत हैं। इसी तरह, 282 पदों के मुकाबले केवल 165 जूनियर टेलीकॉम ऑफिसर (जेटीओ) और 177 स्वीकृत पदों के मुकाबले 110 जूनियर इंजीनियर (जेई) काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की कमी कठिन इलाकों में सेवाओं के समय पर रखरखाव और बहाली में बाधा डालती है। मंत्री ने सदस्य को आश्वासन दिया कि विशेष संपर्क योजनाओं और डिजिटल इंडिया फंड के तहत दूरदराज और पहाड़ी क्षेत्रों में लगभग 21,000 टेलीकॉम टावर लगाने की योजना है, जिनमें से 17,000 पहले ही लगाए जा चुके हैं। केंद्र ने आने वाले महीनों में पूरे हिमाचल प्रदेश में संपर्क हासिल करने और दूरसंचार में सुधार करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

