Himachal: इस दिन होगी सुक्खू कैबिनेट की बैठक, क्या पलटेगी हिमाचल की किस्मत?
punjabkesari.in Tuesday, Feb 10, 2026 - 03:09 PM (IST)
हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश इस वक्त एक ऐसे दोराहे पर खड़ा है जहाँ विकास की रफ़्तार और खाली होता खजाना, दोनों मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के सामने बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं। केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाले राजस्व घाटा अनुदान (RDG) के बंद होने के संकेतों ने पहाड़ी राज्य की वित्तीय चूलें हिला दी हैं।
संकट की गहराई: 12 फरवरी को 'सुपर कैबिनेट'
आगामी 12 फरवरी को सुबह 11 बजे होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक महज एक औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि प्रदेश का भविष्य तय करने वाली 'सर्जरी' साबित हो सकती है।
अनुदान रुकने से आगामी बजट में करीब 12.7% की भारी कटौती की आशंका है। जो बजट कभी 58 हजार करोड़ के पार था, वह सिमटकर 45 हजार करोड़ के आसपास रह सकता है। राज्य को मिलने वाले 10 हजार करोड़ के कर्ज में से 30% तो पुराने ऋण चुकाने में ही चला जाएगा। 18 हजार करोड़ की अपनी आय और करीब 14 हजार करोड़ के केंद्रीय करों के भरोसे पूरे प्रदेश का खर्च चलाना अब "टेढ़ी खीर" साबित हो रहा है।
सत्ता और विपक्ष का 'साझा मिशन'
मुख्यमंत्री सुक्खू इस आर्थिक लड़ाई को अकेले नहीं बल्कि एकजुट होकर लड़ना चाहते हैं। उन्होंने भाजपा को साथ आने का न्योता दिया है, ताकि जगत प्रकाश नड्डा के नेतृत्व में एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री मोदी से मिलकर हिमाचल का पक्ष मजबूती से रख सके। यह राज्य के हितों के लिए राजनीति से ऊपर उठने की एक बड़ी कोशिश मानी जा रही है।
कड़वे फैसले और नई राहें
वित्त विभाग की चेतावनी के बाद अब सरकार "प्लान-बी" पर काम कर रही है। कैबिनेट में कुछ ऐसे कड़े फैसले लिए जा सकते हैं जो शायद जनता को फिलहाल 'अप्रिय' लगें, लेकिन दीर्घकालिक तौर पर जरूरी होंगे। कर वसूली को और अधिक सख्त और व्यापक बनाना।
विधानसभा सत्र: राज्यपाल के अभिभाषण में दिखेगी झलक
16 फरवरी से शुरू होने वाला विधानसभा का सत्र काफी हंगामेदार रहने के आसार हैं। सत्र के पहले दिन राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल के अभिभाषण में राज्य की इस माली हालत का कच्चा-चिट्ठा पेश किया जा सकता है। कैबिनेट बैठक में इस भाषण के ड्राफ्ट को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिसमें केंद्र से मदद की अपील और भविष्य की योजनाओं का ब्लूप्रिंट होगा।

