कर्फ्यू के बीच दिल्ली से SP के बेटा-बेटी और दुबई से किन्नौर पहुंच गई महिला, MLA ने उठाए सवाल

punjabkesari.in Tuesday, Apr 21, 2020 - 06:27 PM (IST)

रिकांगपिओ (ब्यूरो): वैश्विक महामारी को लेकर प्रदेश में कर्फ्यू लगा हुआ है। जो जहां है, उसे वहीं रहने के लिए कहा जा रहा लेकिन इस बीच जिला किन्नौर के एसपी के बेटा-बेटी के दिल्ली से किन्नौर (रिकांगपिओ) पहुंचने का मामला सामने आया है। किन्नौर के विधायक एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी महासचिव जगत सिंह नेगी ने रिकांगपिओ में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि पुलिस अधीक्षक किन्नौर जो स्वयं लॉ एंड आर्डर को मैंटेन करने की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, उनके ही 2 बच्चे दिल्ली जैसे रैड जोन क्षेत्र से उकिन्नौर पहुंच गए हैं। इसी तरह एक महिला दुबई से दिल्ली होते हुए किन्नौर पहुंची है। उन्होंने पूछा कि जब लॉकडाऊन के दौरान बाहरी क्षेत्रों के रैड जोन एरिया से रसूखदार, राजनीतिक पहुंच सहित अधिकारियों के बच्चे किन्नौर आ सकते हैं तो किन्नौर के आम नागरिक जो प्रदेश के ग्रीन जोन क्षेत्रों से फंसे हुए हैं, वे अपने-अपने क्षेत्रों में क्यों नहीं आ सकते?

सिर्फ कमजोर व मध्यम वर्ग के लोगों के लिए हैं सरकार व प्रशासन के नियम

उन्होंने कहा कि किन्नौर की आम जनता कोविड-19 के चलते लगाए गए कफ्र्यू का सख्ती से पालन कर रही है और यही कारण है कि किन्नौर में एक भी पॉजीटिव केस नहीं है लेकिन हैरानी की बात है कि कुछ रसूखदार, अधिकारी एवं राजनीतिक पहुंच वाले रैड जोन क्षेत्रों से लोगों को किन्नौर ला रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे यह साफ  है कि सरकार व जिला प्रशासन द्वारा कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए जो नियम, कानून व दिशा-निर्देश बनाए गए हैं वे केवल कमजोर व मध्यम वर्ग के लोगों के लिए ही हैं।

बाहरी क्षेत्रों या राज्यों से किन्नौर आए लोगों पर प्रशासन ले कड़ा संज्ञान

उन्होंने यह भी कहा कि जिला किन्नौर में जो भी बाहरी क्षेत्रों या राज्यों से लोग आए हैं। प्रशासन को इसके लिए कड़ा संज्ञान लेना चाहिए। गौर हो कि इससे पहले सांसद रामस्वरूप शर्मा के दिल्ली से लौटने पर भी सवाल खड़े हुए थे और प्रधानमंत्री कार्यालय तक शिकायत हुई थी। हालांकि सांसद ने स्पष्ट किया था कि वे नियमों को पालन करते हुए अनुमति मिलने के बाद ही लौटे।

मंडी के लोग घर भेजे, पंचायतों में नहीं दी जानकारी

विधायक ने कहा कि किन्नौर में फंसे मंडी क्षेत्र के लोगों को बसों में बिठा कर उनके घर भेजा गया और पंचायतों को सूचित तक नहीं किया गया। इसके साथ ही किन्नौर में जो 500 लोग रिवालसर, धर्मशाला, सोलन व रामपुर आदि क्षेत्रों फंसे हुए हैं, उनकी सुध नहीं ली जा रही है।

दोहरी नीति अपनाने का लगाया आरोप

विधायक ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार व स्थानीय प्रशासन किन्नौर में लॉकडाऊन के नियमों को लेकर दोहरी नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने मांग की कि के उन सभी लोगों को किन्नौर पहुंचाया जाए, जो ग्रीन जोन में फंसे हैं और उनका होम क्वारंटाइन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही किन्नौर में रैड जोन से आने वाले सभी लोगों को होम क्वारंटाइन के बदले इंस्टीच्यूशनल क्वारंटाइन किया जाए।

क्या बोले एसपी किन्नौर

जिला पुलिस अधीक्षक किन्नौर एसआर राणा ने संपर्क करने पर बताया कि सोलन में उनके चचेरे भाई का देहांत हुआ था। बेटा-बेटी केंद्र व राज्य सरकार की गाइडलाइन को फॉलो करके ही दिल्ली से रिकांगपिओ आए हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली के जिस क्षेत्र से उनके बेटा-बेटी रिकांगपिओ आए हैं। वहां किसी भी तरह का कोरोना वायरस का पॉजीटिव मामला नहीं था तथा इनके आने की सूचना संबंधित पंचायत व स्वास्थ्य विभाग को दे दी गई थी और बेटा-बेटी को होम क्वारंटाइन किया गया है तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा उनका रूटीन चैकअप किया जा रहा है।


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Vijay

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