Solan: परवाणू में धोखाधड़ी के मामले में आरोपी गिरफ्तार
punjabkesari.in Tuesday, Feb 10, 2026 - 11:14 PM (IST)
सोलन (ब्यूरो): पुलिस ने सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की जांच रिपोर्ट के आधार पर परवाणू के एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया है। उसे अदालत में पेश करके 23 फरवरी तक की ज्यूडीशियल हिरासत हासिल की है। एसपी साई दत्तात्रेय वर्मा ने बताया कि सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो दक्षिणी रेंज शिमला से प्राप्त जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस थाना परवाणू में धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसमें शिकायतकर्त्ता रजा राम भारती निवासी परवाणू ने आरोप लगाया कि शहर में सतीश बेरी नामक एक व्यक्ति है, जो स्वयं को समाजसेवी बताता है। उसने अपने साथ कुछ लोगों को भी शामिल कर रखा है, जिनका एक गिरोह है, जो लोगों को ब्लैकमेल करता है। शिकायत में आरोप लगाया है कि सतीश बेरी स्वयं बिजली विभाग का ठेकेदार है तथा उसका पुत्र भी नगर परिषद परवाणू में सिविल वर्क का ठेकेदार है।
उक्त व्यक्ति ने अधिकारियों को धमकाकर व ब्लैकमेल कर अपने तथा अपने पुत्र के लिए विभिन्न-विभागों से सरकारी कार्य प्राप्त किए हैं। आरोपी ने परवाणू के श्मशान घाट के समीप स्लम बस्ती सैक्टर 4 हिमुडा के फ्लैटों में बिजली की टैस्ट रिपोर्ट बनाकर नगर परिषद परवाणू को दी थी और इसके एवज में उसने पैसे भी वसूल किए थे, जबकि फ्लैटों की वायरिंग का काम हिमुडा ने टैंडर के जरिए किसी ओर ठेकेदार के माध्यम से करवाया था। हिमुडा टैंडर लगाता है तो बिजली की टैस्ट रिपोर्ट उक्त कार्य हिमुडा का ठेकेदार जिसे कार्य आबंटित किया जाता है तो वह उसे नि:शुल्क उपलब्ध करवाता है लेकिन आरोपी ने बिना कार्य किए टैस्ट रिपोर्ट नगर परिषद को दे दी। आरोपी ने इन कार्यों के दौरान गंभीर अनियमितताएं बरती हैं।
इस मामले की जांच के दौरान नगर परिषद परवाणू से संबंधित संपूर्ण रिकॉर्ड कब्जे में लिया गया। रिकॉर्ड के अवलोकन से यह तथ्य सामने आया कि नगर परिषद द्वारा कार्य आबंटन हेतु कोटेशन आमंत्रित किए गए थे, जिनमें 3 कोटेशन अनिवार्य थीं, परंतु उक्त कोटेशन धोखाधड़ीपूर्ण तरीके से तैयार की गई थीं। इन्हीं फर्जी कोटेशन के आधार पर 11 जून, 2020 को टैंडर प्राप्त किया गया। उसी दिन आरोपी द्वारा 83 फ्लैट्स की टैस्ट रिपोर्ट तैयार कर नगर परिषद को प्रस्तुत की गई तथा उसी दिन संबंधित बिल भी जमा किया गया। जांच में स्पष्ट हुआ कि उक्त दस्तावेजों की कूटरचना की गई थी। मामले में उपलब्ध पर्याप्त तथ्यों एवं साक्ष्यों के समुचित विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने मामले में संलिप्त आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश करके रिमांड भी हासिल किया गया है।

