Sirmaur bus accident: सड़क पर जमे पाले पर फिसली बस फिर पांच पलटे खाकर गहरी खाई में गिरी, छीन ली 14 जानें...
punjabkesari.in Saturday, Jan 10, 2026 - 10:43 AM (IST)
हिमाचल डेस्क। हिमाचल के सिरमौर में एक अनियंत्रित निजी बस के खाई में गिरने से कोहराम मच गया। पाले की फिसलन और ओवरलोडिंग ने मिलकर 14 जिंदगियों की डोर काट दी, जबकि 52 अन्य लोग अस्पताल में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे हैं।
जब 'मौत' बनकर फिसली बस: प्रत्यक्षदर्शियों की जुबानी
सोलन अस्पताल में उपचाराधीन यात्री के लिए वह मंजर किसी डरावने सपने जैसा था। बस की अगली कतार में बैठे एक यात्री बताते हैं कि जैसे ही बस हरिपुरधार के समीप पहुंची, सड़क पर जमी बर्फ की पतली परत (पाला) काल बन गई। टायर फिसलते ही बस का संतुलन बिगड़ गया। चालक ने अंतिम क्षणों तक स्टीयरिंग घुमाकर गाड़ी को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन भारी बस ढलान की ओर लुढ़क गई।
गहरी खाई में गिरते समय बस ने पांच बार पलटी खाई। हर पलटी के साथ बस का ढांचा टूटता रहा और भीतर बैठे यात्रियों की चीखें वादियों में गूंजती रहीं।
बचाव के लिए उमड़ी मानवता
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों ने देवदूत बनकर कमान संभाली। प्रशासन और एम्बुलेंस के पहुँचने से पहले ही लोग खाई में उतर चुके थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार:
घायलों का रेस्क्यू: कई ग्रामीणों ने अपने कंधों पर घायलों को लादकर सड़क तक पहुँचाया।
खौफनाक मंजर: घायल दिव्यांशी और ललित ने बताया कि बस गिरते ही चारों तरफ अंधेरा और चीखें थीं। लोग एक-दूसरे के नीचे दबे हुए थे और मदद के लिए हाथ-पांव मार रहे थे।
त्योहार की भीड़: क्षेत्र में 'माघी' उत्सव की तैयारी थी, जिसके कारण बस में क्षमता से कहीं अधिक सवारियां थीं। राहत की बात यह रही कि हादसे से कुछ देर पहले छत पर सवार यात्री नीचे उतर गए थे।
37 सीटों वाली इस निजी बस (HP-64-6667) में कुल 66 यात्री सवार थे।
हताहत: चालक समेत 14 लोगों ने दम तोड़ दिया।
उपचार: गंभीर रूप से घायल 52 लोगों का इलाज नाहन मेडिकल कॉलेज, सोलन, राजगढ़, शिमला और चंडीगढ़ पीजीआई में चल रहा है।
जांच: राज्य सरकार ने इस भीषण दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए आधिकारिक जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
अपनों को खोने का गम
यह हादसा एक परिवार के लिए वज्रपात जैसा रहा। बस मालिक प्रताप सिंह के परिवार के पांच सदस्य भी इसी बस में थे। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में उनकी 9 वर्षीय भतीजी रियांशी और 4 साल के मासूम क्यान की जान चली गई।
शीर्ष नेतृत्व ने व्यक्त की संवेदना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस त्रासदी पर गहरा शोक प्रकट किया है। केंद्र सरकार की ओर से मृतकों के आश्रितों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया गया है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने स्वयं अस्पतालों का दौरा कर राहत कार्यों की निगरानी की।

