Weather Update: लाहौल में फटा बादल, सिरमौर में स्कूल बना टापू, कालका-शिमला रेल ट्रैक ठप्प, अलर्ट जारी
punjabkesari.in Tuesday, Aug 18, 2026 - 07:15 PM (IST)
शिमला (संतोष): राज्य में मंगलवार को हुई भारी बारिश ने एक बार फिर जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। राजधानी शिमला से लेकर सिरमौर और लाहौल तक भूस्खलन, बादल फटने और जलभराव से भारी तबाही हुई है। मौसम विभाग ने 21 अगस्त तक प्रदेश के 7 जिलों में भारी बारिश का यैलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने 19 से 21 अगस्त तक हमीरपुर, चम्बा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला व सिरमौर में मौसम खराब रहने की चेतावनी जारी की है।
सिरमौर जिला के नाहन के मातर स्थित एक सरकारी स्कूल के आसपास पानी भरने से वह टापू बन गया। यहां फंसे छात्रों और शिक्षकों को निकालने के लिए प्रशासन रैस्क्यू अभियान चला रहा है। गिरी जाटों बांध से पानी छोड़े जाने के कारण निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। मंगलवार को सबसे अधिक 76 मिलीमीटर बारिश नाहन में दर्ज की गई। सोलन जिला में कालका-शिमला हैरिटेज रेल ट्रैक पर मलबा आ गया, जिससे शिमला से कालका जा रही ट्रेन को कोटी स्टेशन पर रोकना पड़ा।
चंडीगढ़-शिमला नैशनल हाईवे पर भी आवाजाही बाधित रही। लाहौल-स्पीति जिला के चोखंग के गौरी नाला में बादल फटने से 400 मीटर सड़क बह गई, जिससे चोखंग-नैनगाहर मार्ग अवरुद्ध हो गया। राजधानी में कई जगह पेड़ गिरे, भूस्खलन हुआ और नालों का पानी घरों में घुस गया। मंगलवार शाम तक प्रदेश भर में 88 सड़कें बंद रहीं। इसमें मंडी जिला में सर्वाधिक 32 शामिल हैं। 12 बिजली ट्रांसफार्मर और 19 पेयजल योजनाएं ठप्प रहीं।
इस मानसून सीजन में हिमाचल को अब तक 1000 करोड़ रुपए से अधिक का नुक्सान हो चुका है। बारिश, भूस्खलन और बादल फटने जैसी घटनाओं में 197 लोगों ने अपनी जान गंवाई है, 313 लोग घायल हुए हैं और 85 घर पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं। प्रशासन ने नदियों और नालों का जलस्तर अचानक बढ़ने के खतरे को देखते हुए लोगों और पर्यटकों से संवेदनशील इलाकों से दूर रहने की अपील की है।

