Weather Update: मकान ढहने से मां-बेटी की मौत, अब तक 910 करोड़ का नुक्सान और 163 मौतें, अलर्ट जारी

punjabkesari.in Wednesday, Aug 12, 2026 - 06:50 PM (IST)

शिमला (संतोष): कई दिनों की बारिश के बाद बुधवार को बेशक धूप खिली, लेकिन हिमाचल में मानसून की सक्रियता से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। मौसम विज्ञान केंद्र ने 18 अगस्त तक राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का यैलो अलर्ट जारी किया है। जिला सिरमौर के राजगढ़ की ग्राम पंचायत दीदग के छिछड़ियाधार में बुधवार दोपहर एक तीन मंजिला मकान भरभराकर गिर गया। इस हादसे में मां-बेटी की मौत हो गई है।

गनीमत रही कि मलबे में दबे दो मासूमों को स्थानीय युवाओं ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उधर, लाहौल-स्पीति जिला में बाढ़ का संकट पैदा हो गया है। जहालमा नाले में आई बाढ़ और मलबे के कारण चंद्रभागा नदी का प्राकृतिक बहाव प्रभावित हुआ है। जलस्तर बढ़ने से जोबरंग पुल डूब गया है, जिससे जोबरंग, राशेल और राहपे गांवों का संपर्क कट गया है। ग्रामीणों के लिए फसलें मंडियों तक पहुंचाना और रोजमर्रा का सामान जुटाना मुश्किल हो गया है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार मानसून सीजन में अब तक राज्य को 910 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति का नुक्सान हो चुका है। बारिश से जुड़े हादसों में अब तक 163 लोगों की जान जा चुकी है, 257 लोग घायल हुए हैं और एक व्यक्ति लापता है। बुधवार को दिनभर की कड़ी मशक्कत के बाद शाम तक कुछ सेवाओं को बहाल किया गया, जबकि पेयजल का संकट बढ़ गया। बुधवार सुबह 288 सड़कें बंद थीं जो शाम 5 बजे तक घटकर 209 रह गईं। हालांकि राहत की बात है कि मंडी-कुल्लू और मंडी-जोगिंद्रनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बहाल कर दिए गए हैं।

सुबह 112 ट्रांसफार्मर बंद थे, जिनकी संख्या शाम तक 19 रह गई और इनमें से 13 अकेले मंडी जिले में ठप्प हैं। प्रभावित पेयजल योजनाएं सुबह 55 थी, जो शाम को बढ़कर 70 हो गईं। पानी का सबसे अधिक संकट शिमला में 24 और सिरमौर 17 योजनाओं में है। पिछले 24 घंटे में सिरमौर के धौलाकुआं में सबसे अधिक 80, जाटों बैराज में 67, कांगड़ा के धर्मशाला में 57, पालमपुर में 54 और पांवटा साहिब में 50 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। 1 जून से 12 अगस्त तक हिमाचल में सामान्य से 7 फीसदी कम बारिश हुई है।

 


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Kuldeep

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