Shimla: स्वास्थ्य संस्थानों में आऊटसोर्स पर नहीं रखी जाएंगी स्टाफ नर्सें, CBSE स्कूलों की फंडिंग करेगी सरकार : CM

punjabkesari.in Wednesday, Aug 26, 2026 - 06:43 PM (IST)

शिमला (भूपिन्द्र): मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ऐलान किया कि स्वास्थ्य संस्थानों में आऊटसोर्स पर स्टाफ नर्सें नहीं रखी जाएंगी। नर्सों की भर्ती में आऊटसोर्स व्यवस्था को बंद करने जा रहे हैं। अब इनकी नियुक्ति टैस्ट के माध्यम से राज्य चयन आयोग के माध्यम से होगी तथा 4-5 माह में मैडीकल काॅलेजों में उच्च प्रशिक्षित नर्सें होंगी। हालांकि पैरामैडीकल स्टाफ को आऊटसोर्स में नियुक्त किया जाएगा। यह बात उन्होंने बुधवार को विधानसभा में प्रश्नकाल में विधायक दीपराज के मूल तथा रणधीर शर्मा, राकेश जम्वाल, जयराम ठाकुर और डा. हंस राज के अनुपूरक सवाल के जवाब में कही। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार सेवाओं को आऊटसोर्स करती है। आऊटसोर्स पर व्यक्ति को लगाने का प्रावधान नहीं है।

उन्होंने कहा कि मल्टी टास्क वर्कर पाॅलिसी के तहत लगाए जाते हैं तथा वे नियमित भी होंगे और उन्हें पैंशन भी मिलेगी। उन्होंने कहा कि नायलिट, ठेकेदार व राज्य इलैक्ट्रॉनिक काॅर्पोरेशन के माध्यम से इनकी नियुक्ति की जाती है तथा यह व्यवस्था पहले से चली आ रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन मिलना चाहिए। यदि कोई न्यूनतम वेतन नहीं देगी तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यदि कहीं पर कंपनियों या ठेकेदारों ने पैसे काटे हैं तो उस मामले को ध्यान में लाएं, उन पर सरकार कार्रवाई करेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार के ध्यान में मामला आया है कि ठेकेदार को 40 पद भरने के लिए जारी किए गए हैं, लेकिन उसने 30 पद भरे तथा दिखाए 40 पद। इस तरह के मामले अस्पतालों में ध्यान में आए हैं। उन्होंने कहा कि सुंदरनगर अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट को चलाने के लिए 2 कर्मचारियों को आऊटसोर्स पर नियुक्त कर दिया जाएगा। वहीं डा. हंस राज के अनुपूरक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार मैरिट के आधार पर नियुक्ति देगी। अब नौकरियों में सिफारिश नहीं चलेगी।

इस दौरान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि ठेकेदार आऊटसोर्स नियुक्ति से पहले ही अपना हिसाब-किताब कर देते हैं। यह आने वाले दिनों में जांच का विषय बनेगा। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार के समय में आऊटसोर्स पर लगाए लोगों को घर बैठा दिया है। कितनी आऊटसोर्स एजैंसी को ठेकेदार के माध्यम से इम्पैनल किया है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को एक ठेकेदार से परेशानी है। वह उस ठेकेदार को नेता प्रतिपक्ष को परेशान नहीं करने को बोलेंगे। इससे पहले मूल सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में आऊटसोर्स कर्मचारियों के नियमितीकरण की वर्तमान में कोई भी नीति निर्धारित नहीं है।

कोविड के दौरान रखी स्टाफ नर्सों को दी जाएगी प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड के दौरान जिन नर्सों ने अस्पतालों में अपनी सेवाएं दी हैं तथा उन्हें निकाल दिया था, उनको फिर से रखने की प्रक्रिया शुरू की गई है, इसमें उनको नियुक्ति दी गई है। अब जो नर्सें रह गई हैं, उनको भर्ती में प्राथमिकता दी जाएगी।

सीबीएसई स्कूलों की फंडिंग करेगी प्रदेश सरकार
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान 147 सीबीएसई स्कूलों में कम्प्यूटर लैब के लिए 80 करोड़ रुपए देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के सीबीएसई करने से आने वाले 5 वर्ष में राज्य की शिक्षा सबसे बैस्ट होगी। उन्होंने कहा कि 30 सितम्बर तक राज्य के सभी सीबीएसई स्कूलों में अध्यापक रख दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि राज्य के स्कूलों को सीबीएसई बनाने से सरकारी स्कूलों में 24 हजार अधिक बच्चों ने पंजीकरण किया है।

यह बात उन्होंने विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक डा. जनक राज, सुधीर शर्मा, रणधीर शर्मा, विपिन सिंह परमार और राकेश जम्वाल के संयुक्त सवाल के जवाब में हस्तक्षेप करते हुए कही। उन्होंने साफ किया कि इन स्कूलों का सारा खर्चा प्रदेश सरकार वहन करेगी। जो अध्यापक 10 माह के लिए रखे जा रहे हैं, उनके बारे में भी सरकार गंभीरता से विचार करेगी। इससे पहले मूल सवाल का जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने 147 स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध किया है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि शुरूआती दौर में सरकारी स्कूलों में पंजीकरण घट रहा था। गत 15 वर्ष में सरकारी स्कूलों में 4 लाख बच्चों की संख्या कम हुई है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Kuldeep