Shimla: IGMC के डाक्टरों ने अमरीका में लहराया परचम, गॉल ब्लैडर सर्जरी में ब्रेन प्रैशर पर प्रस्तुत किया महत्वपूर्ण शोध
punjabkesari.in Tuesday, Sep 22, 2026 - 04:02 PM (IST)
शिमला (संतोष): आईजीएमसी के न्यूरो एनैस्थीसिया और सर्जरी विभाग के डाक्टरों ने अमरीका के नॉर्थ कैरोलिना शहर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत कर संस्थान का मान बढ़ाया है। न्यूरो एनैस्थीसिया विभाग के असिस्टैंट प्रोफैसर डॉ. कुणाल शर्मा व सर्जरी विभाग के प्रोफैसर डा. अशोक कौंडल और डा. सुनील शर्मा ने 11 सितम्बर को अमरीका में यह शोध प्रस्तुत किया। इस महत्वपूर्ण शोध प्रस्तुति के लिए इंडियन काऊंसिल ऑफ मैडीकल रिसर्च ने डा. कुणाल को विशेष ट्रैवल ग्रांट प्रदान किया था।
ऑप्रेशन के दौरान ब्रेन प्रैशर और एनैस्थीसिया पर केंद्रित है शोध
डाक्टरों का यह शोध गॉल ब्लैडर (पित्त की थैली) के ऑप्रेशन के दौरान मरीज के दिमाग में दबाव (ब्रेन प्रैशर) बढ़ने की स्थितियों पर आधारित है। शोध में पाया गया कि सर्जरी के दौरान ब्रेन प्रैशर बढ़ने के कारण मरीजों को एनैस्थीसिया (बेहोशी) के असर से पूरी तरह बाहर आने में सामान्य से अधिक समय लगता है। यह अध्ययन सर्जरी के दौरान मरीजों को सुरक्षित तरीके से सही समय पर होश में लाने की प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने में मददगार साबित होगा।
लगातार दूसरी बार अंतर्राष्ट्रीय मंच पर मिली सराहना
आईजीएमसी के इन विशेषज्ञ डाक्टरों की यह लगातार दूसरी बड़ी अंतर्राष्ट्रीय उपलब्धि है। इससे पूर्व पिछले वर्ष भी इन डाक्टरों ने अमरीका के अटलांटा शहर में अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया था। चिकित्सा जगत में आईजीएमसी के डाक्टरों की इस उपलब्धि की काफी सराहना की जा रही है।

