Shimla: 150 किलोमीटर से अधिक दूरी वाले रूटों पर फ्रंट सीट पर बैठेंगे HRTC परिचालक

punjabkesari.in Saturday, Jul 04, 2026 - 06:27 PM (IST)

शिमला (राजेश): एचआरटीसी परिचालक अब 150 किलोमीटर से अधिक दूरी वाले रूटों पर फ्रंट सीट पर बैठ सकेंगे। एचआरटीसी चालक-परिचालक संघ ने बीते माह निगम प्रबंधन व सरकार के साथ हुई बैठक में अन्य मांगों के साथ इस मांग को प्रमुखता से रखा था और 200 किलोमीटर से अधिक लंबे रूट पर परिचालक को फ्रंट सीट पर बैठने की मांग की थी। लेकिन निगम प्रबंधन ने इसे 150 किलोमीटर किया है। इसकी पुष्टि एचआरटीसी चालक-परिचालक यूनियन और निगम प्रबंधन के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक की प्रोसिडिंग में हुई। वहीं इस संबंध में जल्द ही आदेश जारी होंगे और हजारों निगम परिचालकों राहत मिलेगी।

प्रोसिडिंग के अनुसार 150 किलोमीटर से अधिक दूरी वाले रूटों पर संचालित होने वाली बसों में परिचालकों के लिए फ्रंट सीट उपलब्ध करवाई जाएगी। इस संबंध में निगम प्रबंधन जल्द औपचारिक आदेश जारी करेगा। लंबे समय से परिचालक संघ इस मांग को उठा रहा था, जिसे अब स्वीकार कर लिया गया है। बैठक में कर्मचारियों के आर्थिक और सेवा संबंधी मामलों पर भी अहम फैसले लिए गए। वर्ष 2019 से मार्च 2026 तक लंबित करीब 116.25 करोड़ रुपए के ओवरटाइम और नाइट अलाऊंस का भुगतान चरणबद्ध तरीके से 12 माह के भीतर करने पर सहमति बनी। साथ ही भविष्य में भुगतान नियमित रूप से हर माह करने की संभावनाएं भी तलाशने का निर्णय लिया गया।

बसों में यात्री का टिकट न काटने पर परिचालक के साथ यात्री को भी हो दंड
बीते 2 दिनों से सोशल मीडिया पर एक इंस्पैक्टर द्वारा कंडक्टर पर बिना मतलब की रिपोर्ट बनाने का वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें यात्री ने भी माना कि उन्होंने टिकट नहीं लिया। लेकिन इसके बावजूद इंस्पैक्टर द्वारा कंडक्टर की रिपोर्ट बनाई गई और इसका कंडक्टर ने विरोध किया। इस पर एचआरटीसी कंडक्टर यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि बसों में यात्री को टिकट न देने पर परिचालक को ही नहीं, बल्कि यात्री को भी दंडित किया जाना चाहिए। यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि इस मामले में कई बार निगम प्रबंधन को लिखा जा चुका है लेकिन इस पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया है। ऐसे में सरकार इस पर निर्णय ले और यह आदेश जारी करे।

कई यात्री नहीं लेते टिकट, कंडक्टरों को करना पड़ता है भुगतान : दीपेंद्र कंवर
एचआरटीसी कंडक्टर यूनियन के महासचिव दीपेंद्र कंवर ने कहा कि बसों में सफर के दौरान कंडक्टर की ही टिकट देने की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यात्री को भी टिकट लेना चाहिए। वहीं टिकट न लेने और देने मेें परिचालक व यात्री दोनों को दंड का प्रावधान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई बार बसों में भीड़ होती है और कंडक्टर यात्री तक नहीं पहुंच पाता है। लेकिन ऐसी स्थिति में इंस्पैक्टरों द्वारा रिपोर्ट बना दी जाती है। ऐसे में प्रबंधन टिकट न लेने पर यात्री की भी जिम्मेदारी व दंड तय करे।


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Kuldeep

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