Shimla: हिमकेयर-सहारा योजना को बंद किया तो पहली कैबिनेट में करेंगे बहाल : जयराम
punjabkesari.in Wednesday, Aug 26, 2026 - 09:15 PM (IST)
शिमला (राक्टा): नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि यदि प्रदेश सरकार हिमकेयर और सहारा योजना को बंद करती है तो भाजपा सत्ता में आने पर पहली कैबिनेट में दोनों योजनाओं को फिर से शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि गरीब और जरूरतमंद व्यक्ति को इलाज की सुविधा उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। बुधवार को विधानसभा में स्वास्थ्य सेवाओं पर चल रही चर्चा के दौरान बीच में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल में कई ऐसी योजनाएं शुरू कीं, जिनका सीधा लाभ आम आदमी को मिला। आयुष्मान भारत और हिमकेयर योजना के पीछे यही भावना थी कि आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति बीमारी की स्थिति में इलाज से वंचित न रहे। जयराम ठाकुर ने कहा कि किसी योजना के संचालन में कमियां रह सकती हैं, लेकिन उनका समाधान किया जाना चाहिए। यदि कहीं कमी थी तो सरकार उसे दूर करती, लेकिन योजना को ही बंद कर देना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि योजनाबद्ध तरीके से हिमकेयर योजना को बदनाम करके अपाहिज किया जा रहा है, ताकि इसे बंद किया जा सके, इसलिए अब विजीलैंस जांच का विषय बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब तो अधिकारी भी कह रहे हैं कि गलत हो रहा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यदि किसी अधिकारी ने जांच के दौरान जानबूझकर गलत किया तो आने वाले समय में उसकी भी जांच हो सकती है। जयराम ठाकुर ने कहा कि यदि सरकार किसी योजना को बंद करने पर अड़ी हुई है तो इससे नुक्सान आम आदमी का होगा। ऐसे में इन योजनाओं को राजनीतिक विवाद का विषय बनाने की बजाय इन्हें और मजबूत किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जिद पर आ गए हैं, 4 वर्ष का कार्यकाल हो गया है और शेष एक वर्ष भी निकल जाएगा।
बदले की भावना से काम नहीं किया
जयराम ठाकुर ने कहा कि पूर्व सरकार ने सत्ता में रहते हुए बदले की भावना से काम नहीं किया था, बल्कि प्रदेश की जनता के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार को भी इसी भावना के साथ काम करना चाहिए। जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्तमान सरकार का ध्यान जनता की समस्याओं के समाधान की बजाय अपनी कुर्सी बचाने पर अधिक है। उन्होंने कहा कि सरकार को सत्ता और राजनीतिक हितों से ऊपर उठकर मरीजों, गरीबों और जरूरतमंद परिवारों के हित में निर्णय लेने चाहिए।

