Shimla: दूसरी पत्नी को पहली पत्नी की मृत्यु के बाद पारिवारिक पैंशन का अधिकार नहीं : हाईकोर्ट
punjabkesari.in Thursday, Aug 20, 2026 - 08:50 PM (IST)
शिमला (मनोहर): हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि सरकारी कर्मचारी की मृत्यु के बाद यदि उसकी पहली पत्नी को पारिवारिक पैंशन मिल रही थी, तो पहली पत्नी के निधन के बाद दूसरी पत्नी इस पैंशन पर अपना दावा नहीं कर सकती। कोर्ट ने कहा कि पहली पत्नी के जीवित रहते हुए किया गया दूसरा विवाह कानून की नजर में अमान्य है। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की एकल पीठ ने याचिकाकर्त्ता दमयंती देवी द्वारा दायर याचिका को खारिज करते हुए यह व्यवस्था दी। मामले के अनुसार प्रार्थी का पति खूब राम शिक्षा विभाग में जूनियर बेसिक टीचर के पद पर कार्यरत था और 1 जून 1996 को सेवानिवृत्त हुआ था। खूब राम की पहली पत्नी खिमी देवी थीं।
पहली पत्नी से कोई बच्चा न होने के कारण खूब राम ने 5 दिसम्बर 1970 को याचिकाकर्त्ता दमयंती देवी से दूसरा विवाह किया था। 13 अक्तूबर 2014 को खूब राम की मृत्यु के बाद नियमानुसार उनकी पहली कानूनी पत्नी खिमी देवी को पारिवारिक पैंशन दी जा रही थी। 2 जुलाई 2023 को खिमी देवी का भी निधन हो गया। पहली पत्नी की मौत के बाद दूसरी पत्नी दमयंती देवी ने खुद को जीवित विधवा बताते हुए अपने नाम पर पारिवारिक पैंशन जारी करने और पिछले बकाया के भुगतान के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पहली शादी के अस्तित्व में रहते हुए किया गया दूसरा विवाह कानून की दृष्टि में कोई विवाह नहीं है।

