Himachal: शिमला में पहली बार पकड़ी 1 करोड़ की ड्रग्स, पंजाब का युवक और हिमाचल की युवती गिरफ्तार
punjabkesari.in Wednesday, Mar 11, 2026 - 05:48 PM (IST)
शिमला (संतोष): शिमला पुलिस ने ड्रग पैडलिंग के तहत चलाए विशेष अभियान के दौरान खतरनाक ड्रग एलएसडी (लिसर्जिक एसिड डायथिलेमाइड) के साथ सिरमौर की एक युवती सहित पंजाब के एक बड़े ड्रग पैडलर को धर दबोचा है। इनसे पकड़ी गई एलएसडी की 562 स्ट्रिप की कीमत अंतर्राष्ट्रीय मार्कीट में 1 करोड़ रुपए है। शिमला में यह अपने आप में पहला मुकद्दमा है, जिसमें इतनी बड़ी खेप पकड़ी गई है।
शिमला पुलिस के एएसपी अभिषेक ने प्रैसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वसनीय सूचना के आधार पर पुलिस टीम द्वारा हिम निवास, बीसीएस शिमला में दबिश दी गई, जहां संदीप शर्मा (40) पुत्र स्व. शिव राम शर्मा, तहसील धर्मकोट, जिला मोगा, पंजाब और प्रिया शर्मा (26) पुत्री स्व. अनिल शर्मा निवासी गांव व डाकघर ददाहू, जिला सिरमौर के कब्जे से 562 स्ट्रिप्स (स्टैम्प साइज) एलएसडी बरामद की गई, जिसका कुल वजन 11.570 ग्राम पाया गया, जिसकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ रुपए है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी संदीप शर्मा पिछले 10 वर्षों से एलएसडी की तस्करी कर रहा है और पूछताछ के दौरान यह बात भी सामने आई है कि इसके खिलाफ पूर्व में भी 33 ग्राम चिट्टे का मुकद्दमा दर्ज है। अभियोग में आगामी अन्वेषण जारी है।
73 मुकद्दमों में 136 गिरफ्तार, 12 बाहरी राज्यों के पैडलर: गौरव
एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने कहा कि शिमला पुलिस द्वारा इस वर्ष एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत 73 मुकद्दमे दर्ज कर 136 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से 12 व्यक्तियों को बाहरी राज्यों जैसे पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, भारत, नेपाल बॉर्डर आदि से बैकवर्ड लिंकों के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।
शक्तिशाली मतिभ्रम पैदा करने वाला पदार्थ है एलएसडी
एलएसडी एक शक्तिशाली मतिभ्रम पैदा करने वाला पदार्थ है, जिसका दुरुपयोग होने की प्रबल संभावना है और वर्तमान में चिकित्सा उपचार में इसका कोई स्वीकृत उपयोग नहीं है। एलएसडी, जिसे एसिड के नाम से भी जाना जाता है, एक साइकेडेलिक ड्रग है, जो आसपास के वातावरण के प्रति धारणा और जागरूकता में बदलाव और मतिभ्रम जैसे प्रभाव उत्पन्न करता है और रेव पार्टी सर्किट में इसका व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।

