Solan News: नौणी विश्वविद्यालय में स्थापित होगा NMPB का क्षेत्रीय केंद्र, हिमाचल-पंजाब सहित 7 राज्यों में करेगा काम
punjabkesari.in Tuesday, Jul 28, 2026 - 05:07 PM (IST)
सोलन (नरेश पाल): डॉ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय (नौणी) ने राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अधीन कार्यरत राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड (एनएमपीबी) ने विश्वविद्यालय में उत्तरी क्षेत्र-1 के क्षेत्रीय-सह-सुविधा केंद्र की स्थापना को मंजूरी दे दी है। एक देशव्यापी और कड़ी प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया को पार करने के बाद नौणी विश्वविद्यालय का चयन इस प्रतिष्ठित केंद्र के संचालन के लिए किया गया है। इस महत्वपूर्ण प्रोजैक्ट को हासिल करने के लिए विश्वविद्यालय की ओर से अनुसंधान निदेशक डॉ. देविना वैद्य के नेतृत्व में एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया गया था। इस परियोजना में वन उत्पाद विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. रोहित शर्मा को समन्वयक और जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. पंकज कुमार को सह-समन्वयक नियुक्त किया गया है। नई दिल्ली में औषधीय पादप बोर्ड की विशेषज्ञ समिति के समक्ष रखे गए इस प्रस्ताव में विश्वविद्यालय के उन्नत अनुसंधान ढांचे, तकनीकी विशेषज्ञता और औषधीय व सुगंधित पौधों के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यों को प्रमुखता से दर्शाया गया, जिसके आधार पर यह केंद्र नौणी को मिला।
जोगिंद्रनगर से नौणी स्थानांतरित हुआ केंद्र
गौरतलब है कि यह क्षेत्रीय-सह-सुविधा केंद्र पहले जोगिंद्रनगर स्थित रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन में संचालित किया जा रहा था, लेकिन अब इसका पूरा संचालन नौणी विश्वविद्यालय से किया जाएगा। यह केंद्र उत्तर भारत के 7 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश) में राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों का सफल समन्वय करेगा।
किसानों और शोधकर्ताओं के लिए बनेगा वरदान
यह केंद्र उत्तर भारत में औषधीय पौधों के संरक्षण, वैज्ञानिक खेती, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, अनुसंधान और मार्केटिंग के लिए एक बड़े हब के रूप में कार्य करेगा। इसके साथ ही, यह केंद्र तकनीक के हस्तांतरण, गुड एग्रीकल्चरल प्रैक्टिसेज और गुड फील्ड कलैक्शन प्रैक्टिस को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देकर किसानों और उद्यमियों को नीतिगत व ढांचागत सहयोग प्रदान करना है।
कुलपति ने दी बधाई, बताया गर्व का विषय
इस बड़ी उपलब्धि पर पूरी टीम को बधाई देते हुए नौणी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एचएस बवेजा ने कहा कि विश्वविद्यालय का क्षेत्रीय-सह-सुविधा केंद्र के रूप में चयन होना पूरे प्रदेश के लिए अत्यंत गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि औषधीय पौधों के क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और किसान-केंद्रित विकास के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। प्रो. बवेजा ने विश्वास जताया कि यह केंद्र भविष्य में शोधकर्ताओं, किसानों, उद्यमियों, उद्योगों और सरकारी संस्थाओं के बीच एक मजबूत सेतु का काम करेगा और उत्तर भारत में औषधीय पादप क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
हिमाचल प्रदेश से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp group को Join करें

