हरोली में 25.59 करोड़ के बाढ़ सुरक्षा कार्यों का ''तैयारी टेस्ट'': उपायुक्त ने लिया जायजा
punjabkesari.in Wednesday, Jan 21, 2026 - 09:21 AM (IST)
ऊना। राज्य आपदा शमन कोष (एसडीआरएफ) के तहत जल शक्ति मंडल हरोली के अंतर्गत चल रहे बाढ़ संरक्षण कार्यों का उपायुक्त ऊना जतिन लाल की अध्यक्षता में गठित संयुक्त निगरानी समिति ने मंगलवार को निरीक्षण किया। इस संयुक्त निगरानी समिति में अधीक्षण अभियंता जल शक्ति विभाग ऊना, अधीक्षण अभियंता स्वां नदी बाढ़ प्रबंधन परियोजना सर्किल ऊना और अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग ऊना सदस्य के रूप में शामिल हैं, जबकि जिला राजस्व अधिकारी ऊना सदस्य सचिव हैं।
निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता जल शक्ति विभाग नरेश धीमान सहित समिति के अन्य सदस्य और जल शक्ति मंडल हरोली तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे। संयुक्त निगरानी समिति ने इस अवसर पर कुल 9 बाढ़ संरक्षण कार्यों का निरीक्षण किया, जिनकी कुल स्वीकृत अनुमानित लागत 25.59 करोड़ रुपये है। इन कार्यों में मोहल्ला टालियां, अठवाई खड्ड (पंडोगा), हरिजन बस्ती (खड्ड), सीर नाला, घालूवाल, हरोली खड्ड, भदसाली खड्ड (मोहल्ला थोलियां), बाथड़ी खड्ड तथा पंडोगा औद्योगिक क्षेत्र शामिल हैं।
समिति ने निरीक्षण के दौरान इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि सभी कार्य एसडीआरएफ के मानकों के अनुरूप निष्पादित किए जा रहे हैं तथा भौतिक रूप से लगभग 85 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण हो चुके हैं। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष बचे कार्यों को शीघ्र पूर्ण किया जाए, ताकि आगामी बरसात के दौरान संभावित नुकसान से क्षेत्र को सुरक्षित रखा जा सके।
उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि बाढ़ संरक्षण कार्यों को तय मानकों के अनुसार गुणवत्ता के साथ समयबद्ध पूरा करना प्राथमिकता है, ताकि आगामी बरसात में जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के लिए शेष धनराशि भी शीघ्र उपलब्ध करवाई जाएगी, ताकि कार्य समय रहते पूरे हों और बरसात में किसी प्रकार की क्षति न हो।
इस दौरान जल शक्ति मंडल हरोली के अधिशासी अभियंता पुनीत शर्मा ने अवगत करवाया कि इन परियोजनाओं के लिए अब तक 13.42 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हो चुकी है, जिसका पूर्ण रूप से व्यय किया जा चुका है, जबकि लगभग 12.17 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त होना शेष है। उपायुक्त ने आश्वासन दिया कि शेष धनराशि शीघ्र उपलब्ध करवाने के लिए मामला उच्चाधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

