Himachal: सरकारी अस्पतालों में नि:शुल्क मेडिकल टैस्ट बंद करने की तैयारी, विभाग ने सरकार को भेजा प्रस्ताव

punjabkesari.in Friday, Apr 04, 2025 - 11:57 AM (IST)

हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश सरकार सरकारी अस्पतालों में बाह्य रोगियों (ओपीडी) को दी जा रही नि:शुल्क मेडिकल टैस्ट सुविधा को बंद करने की तैयारी कर रही है। इसके तहत अब मरीजों को पर्ची बनवाने के लिए भी शुल्क देना पड़ सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेज दिया है, हालांकि अंतिम निर्णय सरकार द्वारा लिया जाएगा।

फिलहाल प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में 130 से अधिक मेडिकल टैस्ट मुफ्त किए जा रहे हैं, लेकिन विभाग का कहना है कि कई लोग बार-बार जांच करवा रहे हैं, जिससे सरकार पर वित्तीय बोझ बढ़ रहा है। साथ ही, रिपोर्ट लेने के लिए अस्पतालों में लंबी कतारें लग रही हैं।

प्रस्ताव के अनुसार, अब इन टैस्ट के लिए निर्धारित शुल्क वसूला जाएगा। साथ ही, ओपीडी पर्ची के लिए 10 रुपए प्रति पर्ची शुल्क लेने का विचार किया गया है। इस कदम का मकसद सरकारी अस्पतालों पर बढ़ते दबाव को कम करना और स्वास्थ्य बजट को संतुलित करना है।

इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में पहले से ही ईसीजी और अल्ट्रासाऊंड जैसे कुछ टैस्ट के लिए शुल्क लिया जा रहा है। अब सरकार अन्य मुफ्त सेवाओं को भी शुल्क आधारित करने पर विचार कर रही है। हालांकि, भर्ती मरीजों को पूर्ववत नि:शुल्क जांच की सुविधा मिलती रहेगी।

इसी बीच, हिमकेयर योजना की ऑडिट प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बजट सत्र के दौरान हिमकेयर योजना में गड़बड़ियों की जांच कराने की घोषणा की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आंख के ऑप्रेशन, सर्दी-जुकाम और हर्निया जैसी बीमारियों पर लाखों रुपए के बिल बनाए गए हैं। इस योजना के तहत अस्पतालों और डॉक्टरों द्वारा किए गए पंजीकरण और अस्पतालों की आलीशान इमारतों को लेकर भी सवाल उठे हैं।

उधर, स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा देवी ने कहा कि ओपीडी मरीजों से मेडिकल टैस्ट के लिए शुल्क लेने का मामला अभी विचाराधीन है और इस पर अंतिम फैसला सरकार ही लेगी।


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Content Editor

Jyoti M

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