Panchayat Election 2026: नलवाड़-जुखाला में बुजुर्ग ने ऑक्सीजन सिलैंडर के साथ डाला वोट, बिलासपुर में दूसरे चरण की वोटिंग संपन्न
punjabkesari.in Thursday, May 28, 2026 - 04:25 PM (IST)
बिलासपुर (बंशीधर): पंचायती राज संस्थाओं के दूसरे चरण के चुनाव में जिला बिलासपुर में लोकतंत्र का महापर्व पूरे उत्साह, जागरूकता और राजनीतिक सक्रियता के साथ संपन्न हुआ। गांव-गांव में सुबह से ही मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिलीं। खास बात यह रही कि इस बार युवाओं, महिलाओं और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं के साथ-साथ बुजुर्ग मतदाताओं ने भी बढ़-चढ़कर मतदान में हिस्सा लिया। चुनावी माहौल ने साफ संकेत दिए कि अब ग्रामीण राजनीति में मतदाता पहले से अधिक जागरूक और सक्रिय हो चुके हैं।

दूसरे चरण के चुनाव में सबसे अधिक चर्चा बुजुर्ग मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी को लेकर रही। उम्र के अंतिम पड़ाव में पहुंच चुके वरिष्ठ नागरिकों ने भी मतदान को अपना सबसे बड़ा लोकतांत्रिक कर्तव्य मानते हुए वोट डाला और नई पीढ़ी को लोकतंत्र का महत्व समझाया। कई बुजुर्ग अपने परिजनों के सहारे मतदान केंद्रों तक पहुंचे, जबकि कई स्वयं चलकर मतदान करने पहुंचे। पंचायत दकड़ी में 107 वर्षीय मनभरू देवी ने मतदान कर सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। वहीं, नेहर वार्ड नंबर-1 हरनोड़ा में 106 वर्षीय संत राम ने लोकतंत्र के प्रति अपनी आस्था जताते हुए वोट डाला। ग्राम पंचायत सुई सुराहड़ में 100 वर्षीय महंती देवी, ग्राम पंचायत हीरापुर में 96 वर्षीय पार्वती देवी, ग्राम पंचायत औहर में 98 वर्षीय बाली राम, ग्राम पंचायत चांदपुर में 91 वर्षीय जशोधा देवी, पंचायत दकड़ी के गांव चुवाडी में 94 वर्षीय दामोदरी देवी, दाडां में 82 वर्षीय प्रभु राम तथा 77 वर्षीय कमला देवी ने भी मतदान कर लोकतंत्र के इस पर्व में अपनी भागीदारी निभाई। वहीं, नलवाड़-जुखाला में एक बुजुर्ग आक्सीजन सिलैंडर के साथ मतदान करने के लिए पहुंचे।

मतदान के बाद बुजुर्ग मतदाताओं ने कहा कि वोट केवल अधिकार नहीं बल्कि देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी भी है। उनका कहना था कि उन्होंने जीवनभर हर चुनाव में मतदान किया है और आगे भी लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए मतदान करते रहेंगे। बुजुर्गों ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत मतदान में छिपी है, इसलिए हर युवा को जाति, वर्ग और राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर मतदान अवश्य करना चाहिए।

दूसरे चरण के चुनाव में महिलाओं की मजबूत भागीदारी राजनीतिक दृष्टि से भी अहम मानी जा रही है। कई पंचायतों में महिलाओं ने पुरुषों से अधिक संख्या में मतदान किया। राजनीतिक जानकार इसे ग्रामीण राजनीति में बदलते सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों का संकेत मान रहे हैं। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पंचायत स्तर पर अब उनकी भूमिका केवल मतदाता तक सीमित नहीं रह गई, बल्कि वे स्थानीय नेतृत्व और निर्णय प्रक्रिया में भी मजबूत दावेदारी पेश कर रही हैं। पहली बार मतदान करने वाले युवाओं ने मतदान केंद्रों पर पहुंचकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। चुनावी माहौल में युवाओं की सक्रियता ने यह संकेत दिया कि आने वाले समय में ग्रामीण राजनीति में नई पीढ़ी की भूमिका और अधिक मजबूत होने वाली है।

