Himachal: मंत्री की RSS पर टिप्पणी से बिफरे विपक्ष ने सदन में की नारेबाजी, स्पीकर बोले-रिकॉर्ड से हटेंगे विवादित बोल

punjabkesari.in Friday, Nov 28, 2025 - 06:38 PM (IST)

तपोवन (धर्मशाला) (कुलदीप): हिमाचल प्रदेश विधानसभा में लगातार तीसरे दिन भी गतिरोध जारी रहा। हालांकि इस गतिरोध के बीच सदन में प्रश्नकाल 27 मिनट चला, लेकिन विपक्ष के वैल में आकर नारेबाजी करने की स्थिति में कार्यवाही को 10 मिनट के लिए स्थगित कर दिया गया। इसके बाद जब कार्यवाही फिर से शुरू हुई तो विपक्ष की तरफ से नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और विधायक विपिन सिंह परमार ने राजस्व मंत्री की तरफ से आरएसएस पर टिप्पणी करने को लेकर नाराजगी जताई। इस मुद्दे पर पूरा विपक्ष एकजुट दिखा।

राजस्व मंत्री ने विषय से हटकर की टिप्पणी : जयराम
जयराम ठाकुर ने कहा कि राजस्व मंत्री ने विषय से हटकर टिप्पणी की है। उनकी तरफ से भाजपा भगाओ और बेटी बचाओ जैसी बात करना गलत है। उन्होंने सदन के भीतर और बाहर आरोप लगाया कि एक मंत्री को रोकने में पूरी सरकार नाकाम है। उन्होंने कहा कि इस सारे विषय को लेकर मंत्री को माफी मांगनी चाहिए। लोकतंत्र में सभी को अपनी बात कहने का अधिकार है, लेकिन इसके लिए मर्यादा में रहना जरूरी है। वहीं विधायक विपिन सिंह परमार ने कहा कि आरएसएस विश्व का सबसे बड़ा संगठन है, जिसने देश की आजादी में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि मंत्री का बयान दुर्भाग्यपूर्ण है और उनको इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आरएसएस ने देशभक्ति में अपनी मिसाल कायम की है तथा ऐसे संगठन के प्रति इस तरह की सोच नहीं हो सकती।

व्यक्तिगत टिप्पणी से बचें नेता : हर्षवर्धन
संसदीय कार्यमंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि कई बार नेता राजनीतिक स्कोर बनाने के लिए एक-दूसरे के कपड़े उतारने पर उतारू हो जाते हैं। नेताओं को व्यक्तिगत टिप्पणी करने से बचना चाहिए। उन्हाेंने कहा कि अगर सत्ता पक्ष की ओर से कुछ टिप्पणी की गई है, तो भाजपा भी कांग्रेस नेताओं को कोसने में कोई कसर नहीं छोड़ती।

रिकाॅर्ड से हटाई जाएंगी विषय से हटकर की गई टिप्पणियां : पठानिया
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि वह पूरा रिकाॅर्ड देखकर पक्ष और विपक्ष के सदस्यों की तरफ से विषय से हटकर की गई टिप्पणियों काे हटाएंगे। जहां तक राजस्व मंत्री के माफी मांगने का प्रश्न है, तो इससे टकराव की स्थिति पैदा होगी। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को सदन में एक-दूसरे के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्थगन प्रस्ताव पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को लेकर लाया गया था, जिसमें पक्ष-विपक्ष दोनों तरफ से विषय से हटकर बातें कही गईं।


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Vijay

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