Kangra: पौंग बांध से छोड़ा जा रहा 1 लाख क्यूसिक से अधिक पानी, 17 पंचायतों के 60 गांव डेंजर जोन में

punjabkesari.in Thursday, Aug 28, 2025 - 10:20 PM (IST)

इंदौरा (अजीज): पौंग बांध से 1 लाख क्यूसिक से अधिक पानी छोड़ा जा रहा है और वर्षा तथा पानी की आमद में बढ़ौतरी पर जल निकासी को और बढ़ाया जाएगा। इंदौरा प्रशासन लोगों को बाढ़ प्रभावित गांवों से निकालने व सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए प्रयासरत है। गुरुवार को एसडीएम इंदौरा डाॅ. सुरेंद्र ठाकुर, तहसीलदार अमनदीप सिंह व पुलिस सहित राजस्व व पंचायती राज विभाग के सचिव तथा पंचायत प्रतिनिधि इंदौरा के मंड क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित 17 पंचायतों के 60 गांवों से डेंजर जोन से बाढ़ प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील करते नजर आए। इसके लिए कई स्थानों पर स्वयं जाकर तो कई व्यक्तियों को फोन करके बाढ़ से बचने के लिए सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया। वहीं एसडीएम ने राजस्व व लोक निर्माण विभाग के साथ बेला ठाकरां में बनाए गए धुस्सी बांध की स्थिति का भी जायजा लिया व जेसीबी तथा टिप्परों में माल भर कर उसे मजबूत किया गया। 

खतरे के निशान से लगभग 3 फुट ऊपर है जलस्तर
उधर, पौंग बांध में पानी की आमद कम रही, लेकिन अभी भी बांध का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग 3 फुट ऊपर है और कल से आगामी 6 दिन के लिए वर्षा की चेतावनी मौसम विभाग द्वारा जारी की गई है, जिसके चलते बांध से निरंतर पानी छोड़ा जा रहा है। आज शाम 7 बजे बांध प्रबंधन द्वारा जारी विवरण के अनुसार 1 लाख 5 हजार क्यूसिक पानी छोड़ा गया है, जबकि पानी की आमद लगभग 60,000 क्यूसिक दर्ज की गई है। वहीं बैराज से ब्यास नदी में 93,489 क्यूसिक पानी डाऊन स्ट्रीम एरिया में छोड़ा जा रहा है।

मंड घंडरां से रैस्क्यू किए 15 लाेग
वहीं आज मंड घंडरां से कुछ लोगों को पानी में घिरे हुए होने की सूचना प्रशासन को दी गई, जिस पर एसडीएम व तहसीलदार स्वयं मौके पर पहुंचे व एनडीआरएफ के टीम कमांडर इंस्पैक्टर सुरजीत मिश्रा की टीम की मदद से 7 महिलाओं, 6 बच्चों व 2 पुरुषों को रैस्क्यू किया गया। देर शाम तक रैस्क्यू ऑप्रेशन जारी रहा। एसडीएम स्वयं इस अभियान में एक स्वयंसेवी की तरह काम करते दिखे।

चोटिल युवती को अपनी गाड़ी में लाए एसडीएम
वहीं मंड घंडरां की काफी समय से चोटिल एक युवती का भी एनडीआऱएफ के इसी दल द्वारा रैस्क्यू किया गया और पानी में घिरे होने के कारण उसका इलाज नहीं हो पा रहा था। रैस्क्यू के बाद एसडीएम अपनी गाड़ी में उसे लेकर सिविल अस्पताल इंदौरा पहुंचे व उसका उपचार शुरू करवाया।

मवेशियों का क्या करें जनाब
वहीं मंड क्षेत्र के लोगों से जब सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है तो कई लोगों का कहना था कि अपने पालतू मवेशियों को छोड़कर कैसे जाएं? तो कुछेक ने कहा कि उन्होंने 1.50 से 2 लाख क्यूसिक तक पानी देखा है। अभी तक उतना पानी नहीं छोड़ा गया और कई बार पहले भी पानी छोड़े जाने की चेतावनी दी जाती रही है, लेकिन बाद में उतना पानी नहीं छोड़ा। ऐसे में जब ज्यादा पानी बढ़ा तब देखेंगे की बात लोग कर रहे हैं और लापरवाही बरत रहे हैं।

चोरी का भी है डर
वहीं कुछ लोगों ने बताया कि वे अपने घरों को ताला लगाकर तो चले जाएं, लेकिन उन्हें चोरी का डर सता रहा है। ऐसे में जब यह कहा गया कि इतने पानी में चोर कैसे आएंगे तो उन्होंने बताया कि वे ट्रैक्टर-मोटरसाइकिल के टायर की ट्यूब पर तैरकर आ जाते हैं और चोरी कर खेतों के नलकूप की मोटरों सहित कई तरह का सामान चोरी कर ले जाते हैं। लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। इसी डर से कई घरों से महिलाओं व बच्चों को एनडीआरएफ की मदद से अब तक निकाला भी गया है, घरों में 1 या 2 पुरुष मवेशियों व घरों की सुरक्षा के लिए अपनी जान दांव पर लगाकर घरों में रुक रहे हैं।


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Vijay

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