Himachal: कालका-शिमला ट्रैक पर लैंडस्लाइड, हवा में लटकी रेललाइन; 13 सितम्बर तक ट्रेनें रद्द
punjabkesari.in Sunday, Aug 30, 2026 - 05:09 PM (IST)
शिमला (अभिषेक): हिमाचल प्रदेश में खराब मौसम और भारी बारिश ने एक बार फिर कालका-शिमला हैरिटेज रेल मार्ग को बुरी तरह प्रभावित किया है। भारी भूस्खलन के कारण विश्व धरोहर कालका-शिमला रेल ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया है, जिसके चलते रेल प्रबंधन को इस रूट पर चलने वाली सभी ट्रेनों का संचालन रोकना पड़ा है। रविवार को इस रूट पर कोई भी ट्रेन नहीं चली, वहीं आगामी दिनों के लिए भी कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है।
ब्रिज नंबर 57 के पास बहा ट्रैक, मुरम्मत कार्य जारी
रेलवे प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार देर शाम गुमन और टकसाल स्टेशनों के बीच किलोमीटर संख्या 07/16-17 पर स्थित ब्रिज नंबर 57 के पास भारी भूस्खलन हुआ है। यहां ट्रैक के नीचे से भारी मात्रा में मिट्टी बह गई है, जिससे रेल लाइन हवा में लटक गई है। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं। फिलहाल ट्रैक को सुरक्षित और परिचालन योग्य बनाने के लिए मुरम्मत और बहाली का कार्य युद्ध पर किया जा रहा है।
1 सितम्बर से लेकर 13 सितम्बर तक कई ट्रेनें रद्द
ट्रैक की खराब स्थिति और मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए रेलवे प्रबंधन ने 1 सितम्बर से लेकर 13 सितम्बर तक कई ट्रेनों को रद्द करने का फैसला लिया है। कालका से शिमला की ओर जाने वाली ट्रेन नंबर 52457, 52453 और 52455 का संचालन 1 सितम्बर तक पूर्ण रूप से रद्द रहेगा। वहीं, मौसम की खराबी को देखते हुए ट्रेन नंबर 52451 और 52459 की सेवाएं आगामी 13 सितम्बर तक पूरी तरह बंद रखी गई हैं। इसी तरह शिमला से कालका की ओर जाने वाली ट्रेन नंबर 52458, 52454 और 54456 का संचालन 1 सितम्बर तक रद्द किया गया है। इसके अलावा ट्रेन नंबर 52452 और 52460 को पहले 1 सितम्बर तक रद्द किया गया था, लेकिन खराब मौसम को देखते हुए अब इन दोनों ट्रेनों का संचालन भी 13 सितम्बर तक बंद रखा जाएगा।
रेलवे प्रशासन की अपील, स्टेटस चेक करके ही निकलें
रेलवे प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम और रेल ट्रैक की स्थिति को ध्यान में रखकर ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं। स्टेशन पर किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए, यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन का ताजा परिचालन स्टेटस रेलवे पूछताछ केंद्र या ऐप के माध्यम से अवश्य जांच लें। अधिकारियों का कहना है कि जब तक मुरम्मत कार्य पूरा नहीं हो जाता और ट्रैक को परिचालन के लिए सौ फीसदी सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक प्रभावित रेल सेवाएं सामान्य नहीं होंगी।
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