जंगल में ''पुष्पा'' राज... खैर तस्करी का भंडाफोड़, अंधेरे में वन विभाग की टीम ने घेरा, नदी में फेंक रहे थे पेड़ काटकर

punjabkesari.in Tuesday, Mar 10, 2026 - 01:40 PM (IST)

ऊना: हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले में वन माफिया के खिलाफ विभाग ने एक 'सर्जिकल स्ट्राइक' जैसी कार्रवाई को अंजाम दिया है। अंब टीला के सुरक्षित वनों में अवैध कटान कर रहे गिरोह को विभाग की सतर्क टीम ने रंगे हाथों दबोच लिया।

भोर की कार्रवाई: नाकाबंदी और घेराबंदी

मंगलवार तड़के करीब 4 बजे, जब धुंध और अंधेरे का पहरा था, भरवाईं वन विभाग की दो विशेष टीमों ने मोर्चा संभाला हुआ था। वन खंड अधिकारी ऊषा देवी और सुनील कुमार के नेतृत्व में टीमें अलग-अलग रणनीतिक बिंदुओं पर तैनात थीं। इस दौरान अंब टीला मार्ग पर गश्त करते समय विभाग के अधिकारियों को जंगल के भीतर से पेड़ों के गिरने और कुछ हलचल की आवाजें सुनाई दीं।

खड्ड में फेंके जा रहे थे लकड़ी के मोछे

सतर्कता बरतते हुए टीम ने बिना शोर किए उस स्थान की घेराबंदी की जहां से आवाजें आ रही थीं। मौके पर नजारा हैरान करने वाला था—तस्कर खैर के पेड़ों को काटकर उनके लट्ठों (मोछों) को नीचे खड्ड में ठिकाने लगा रहे थे। टीम ने अचानक धावा बोलकर मौके से दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया। हालांकि, अंधेरे और पथरीले रास्ते का लाभ उठाकर गिरोह के कुछ अन्य सदस्य भागने में सफल रहे।

जांच में बड़ा खुलासा: 'ठेकेदार' के इशारे पर हुआ कटान

घटना की सूचना मिलते ही वन परिक्षेत्र अधिकारी पूर्ण राम अपनी टीम (साहिल बनयाल और नरेंद्र पटियाल) के साथ मौके पर पहुंचे। शुरुआती तफ्तीश में सामने आया कि खैर के 3 विशाल पेड़ों को काटा गया था। मौके से लकड़ी के 16 भारी मोछे जब्त किए गए। पकड़े गए एक आरोपी ने दावा किया कि वे किसी बड़े ठेकेदार के निर्देश पर काम कर रहे थे, जिसने पड़ोसी देहरा रेंज में कटान का ठेका लिया हुआ है।

कानूनी शिकंजा

चूंकि यह इलाका कांगड़ा और ऊना की सीमा पर स्थित है, इसलिए माफिया यहाँ की भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाने की फिराक में था। वन विभाग की औपचारिक शिकायत के बाद अंब थाना पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर आगामी जांच शुरू कर दी है।


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Content Editor

Jyoti M

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