Himachal: एचआरटीसी अधिकारी ने रिपोर्ट बदलने के लिए कंडक्टर से मांगी थी ₹25 हजार की रिश्वत

punjabkesari.in Wednesday, Jan 07, 2026 - 03:43 PM (IST)

शिमला (राजेश): हिमाचल परिवहन सेवानिवृत्त कर्मचारी परिषद की तथ्यपूर्ण शिकायत पर कड़ा संज्ञान लेते हुए निगम प्रबंधन ने मुख्य कार्यालय शिमला में तैनात इंक्वायरी ऑफिसर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निगम की इस कार्रवाई का कर्मचारी परिषद, परिवहन कर्मचारियों और पेंशनरों ने स्वागत किया है।

परिषद के प्रदेश संयोजक शंकर सिंह ठाकुर ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी अधिकारी वर्ष 2025 में परिचालक करण कुमार की विभागीय जांच कर रहा था। आरोप है कि अधिकारी ने रिपोर्ट पक्ष में करने के लिए 25000 रुपए की रिश्वत मांगी और 10000 रुपए एडवांस देने का दबाव बनाया। परेशान होकर परिचालक ने गूगल पे के माध्यम से 4000 रुपए भेजे, लेकिन अधिकारी ने बार-बार फोन कर और पैसों की मांग जारी रखी।

मामला संज्ञान में आने पर परिषद ने प्रबंध निदेशक को शिकायत सौंपी, जिसके बाद निलंबन की कार्रवाई हुई। मामले की निष्पक्ष जांच शिमला मंडलीय प्रबंधक कर रहे हैं। शंकर सिंह ठाकुर के अनुसार 6 जनवरी को जांच के दौरान आरोपी अधिकारी की कॉल डिटेल और अन्य सभी तथ्य जांच अधिकारी को सौंप दिए गए हैं।

प्रदेश संयोजक ने याद दिलाया कि इससे पहले भी परिषद ने चंबा, देहरा और पालमपुर सहित कई डिपुओं में लाखों रुपए के भ्रष्टाचार को उजागर किया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए उन्हें और उनके साथियों को भारी कीमत चुकानी पड़ी, लेकिन वे भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई से कभी पीछे नहीं हटे।

शंकर सिंह ठाकुर ने मांग की है कि आरोपी अधिकारी के बैंक खाते सीज किए जाएं, एफआईआर दर्ज हो और मामले की विजिलैंस जांच करवाई जाए। उन्होंने कहा कि इस निलंबन से छोटे कर्मचारियों का आर्थिक और मानसिक शोषण रुकेगा, साथ ही मांग की कि प्रबंधन बिना किसी दबाव के जांच पूरी कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई करे।


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Vijay

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