Himachal: ऑनलाइन शॉपिंग में बरतें ये सावधानी... शिमला पुलिस की Advisory जारी

punjabkesari.in Saturday, Jan 17, 2026 - 02:34 PM (IST)

शिमला, (राक्टा): डिजिटल युग में ऑनलाइन खरीदारी लोगों की जरूरत बन चुकी है, लेकिन इसी सुविधा का फायदा उठाकर साइबर ठग लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। पुलिस के अनुसार उपभोक्ताओं को किसी भी ऑनलाइन ऑफर पर भरोसा करने से पहले सतर्क रहना चाहिए। असामान्य रूप से अधिक छूट, जल्दबाजी में भुगतान करने का दबाव और सीमित समय का बहाना अक्सर ठगी का संकेत होता है।

ऐसी वैबसाइट का यू.आर.एल., सिक्योरिटी सर्टीफिकेट और कस्टमर रिव्यू जरूर जांचने चाहिए। पुलिस के अनुसार शातिर साइबर अपराधी सोशल मीडिया, मैसेजिंग एप और ई-मेल के माध्यम से प्रसारित किए जा रहे भारी छूट वाले विज्ञापनों से लोगों को झांसे में ले रहे हैं। इसके लिए ठग नामी ई-कॉमर्स कंपनियों की तर्ज पर नकली वैबसाइट और मोबाइल एप तैयार करते हैं। इन प्लेटफॉर्म पर 70 से 90 प्रतिशत तक की छूट दिखाकर उपभोक्ताओं को तुरंत खरीदारी के लिए उकसाया जाता है।

जैसे ही उपभोक्ता भुगतान करता है, उसके बाद न तो ऑर्डर कन्फर्मेशन मिलता है और न ही कोई संपर्क नंबर सक्रिय रहता है। कई मामलों में ठग सोशल मीडिया पर स्पॉन्सर्ड विज्ञापन चलाकर लोगों तक पहुंच बना रहे हैं। इन विज्ञापनों में दिए गए लिंक पर क्लिक करते ही यूजर एक फर्जी वैबसाइट पर पहुंच जाता है, जो देखने में पूरी तरह असली लगती है।

भुगतान प्रक्रिया के दौरान ठग बैंक डिटेल, कार्ड जानकारी और ओ.टी.पी. हासिल कर लेते हैं। इसके बाद पीड़ित के खाते से रकम निकाल ली जाती है। यह भी सामने आया है कि कुछ मामलों में लिंक के माध्यम से मोबाइल फोन में मेलवेयर इंस्टॉल हो जाता है। इससे ठग मोबाइल में मौजूद निजी जानकारी, पासवर्ड और बैंक से जुड़े मैसेज तक एक्सैस कर लेते हैं। कई पीड़ितों को तब तक ठगी का अहसास नहीं होता, जब तक उनके खाते से बड़ी राशि गायब नहीं हो जाती।


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Content Editor

Jyoti M

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