हिमाचल के युवाओं का कमाल: मौर्या रोवर दिखाएगा दुनिया को अपनी ताकत, मंगल मिशन में नया अध्याय
punjabkesari.in Tuesday, Apr 07, 2026 - 12:38 PM (IST)
हिमाचल डेस्क। हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत वादियों में स्थित आईआईटी मंडी ने विज्ञान और तकनीक की दुनिया में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यहाँ के युवा इंजीनियरों ने चार साल की कड़ी मेहनत के बाद ‘मौर्या’ (Maurya) नाम का एक मार्स रोवर प्रोटोटाइप तैयार किया है। यह रोवर मंगल ग्रह जैसी कठिन परिस्थितियों में काम करने के लिए बनाया गया है और भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमता का एक बेहतरीन उदाहरण है।
तकनीकी विशेषताएं और क्षमताएं
आईआईटी मंडी का यह दूसरा रोवर मॉडल है, जिसे पिछले अनुभवों के आधार पर और भी बेहतर बनाया गया है। इसमें कई आधुनिक फीचर्स जोड़े गए हैं।
जानकारी के अनुसार, इसमें 'डिफरेंशियल ड्राइव' और खास 'रॉकर जॉइंट' डिजाइन का इस्तेमाल किया गया है, जिससे यह ऊबड़-खाबड़ और पथरीली सतहों पर आसानी से चल सकता है।
हर पहिये के लिए अलग कंट्रोल यूनिट लगाई गई है और सुरक्षा के लिए एक मास्टर स्विच दिया गया है। इसमें 'लाइफ साइंस मॉड्यूल' लगा है, जो मिट्टी और पर्यावरण का विश्लेषण करने में सक्षम है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर दावेदारी
यह रोवर टीम अब यूरोपियन रोवर चैलेंज जैसी वैश्विक प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने की तैयारी कर रही है। इन प्रतियोगिताओं में दुनिया भर के रोबोट्स को मंगल जैसे बनाए गए कृत्रिम वातावरण में परखा जाता है। हाल ही में 'मौर्या' ने यूनिवर्सिटी रोवर चैलेंज (URC) में भी हिस्सा लिया था, जहाँ इसका प्रदर्शन काफी शानदार रहा।
रोबोटिक्स सेंटर के सहायक प्रोफेसर डॉ. दीपक रैना के अनुसार, टीम अब इस मॉडल को और भी हल्का और मजबूत बनाने पर काम कर रही है। यह प्रोजेक्ट न केवल अंतरिक्ष अनुसंधान की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत के सपने को भी मजबूती दे रहा है। आने वाले समय में यह भारतीय युवाओं के जुनून और नवाचार को पूरी दुनिया के सामने पेश करेगा।

