स्कूल दाखिला फॉर्म से जाति वाला कॉलम हटाएगी हिमाचल सरकार, समानता को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम

punjabkesari.in Thursday, Aug 27, 2026 - 09:58 AM (IST)

Shimla News : हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को निर्देश दिया कि अगले शैक्षणिक सत्र से स्कूल के दाखिला फॉर्म से जाति का कॉलम हटा दिया जाये। उन्होंने कहा कि इस कदम से जाति-आधारित भेदभाव को खत्म करने और समाज में समानता एवं भाईचारे को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

यहां हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति कल्याण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अनुसूचित जाति समुदाय के कल्याण के लिए और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि जाति भेदभाव या बच्चों में हीन भावना का आधार न बने। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति के लोग सरकारी योजनाओं एवं लाभों का फायदा उठाते समय अपनी जाति का विवरण देना जारी रखेंगे, ताकि उन्हें बिना किसी परेशानी के ये लाभ मिल सकें। सुक्खू ने कहा कि सरकार अनुसूचित जाति की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दे रही है, और उनके सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि पात्र लाभार्थियों को इन योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान की जाये, ताकि वे इनका लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी स्टार्ट-अप स्वरोजगार सौर योजना के तहत, सरकार 100 किलोवाट दो मेगावाट की परियोजना लगाने के लिए सब्सिडी दे रही है। जनजातीय इलाकों में परियोजनाओं के लिए पांच प्रतिशत और दूसरे इलाकों में चार प्रतिशत की सब्सिडी दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार होनहार छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए एक प्रतिशत की ब्याज दर पर 20 लाख रुपये तक का लोन भी दे रही है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर छात्र अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बहुत गरीब परिवारों के लिए ‘अपना परिवार सुखी परिवार योजना'लागू करेगी। इस योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली मिलेगी जबकि ऐसे परिवारों की महिलाओं को 1,500 रुपये की मासिक पेंशन दी जाएगी। राज्य के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने कहा कि राज्य में 8,41,917 लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन दी जा रही है। उन्होंने बताया कि बुज़ुर्ग पुरुषों को प्रति माह 1,000 रुपये मिल रहे हैं, जबकि महिलाओं, दिव्यांगों, विधवाओं और अकेली या छोड़ी गयी महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये दिये जा रहे हैं। 70 साल से ज़्यादा उम्र के बुज़ुर्गों और 70 प्रतिशत से ज़्यादा दिव्यांगता वाले लोगों को हर महीने 1,700 रुपये मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष के दौरान सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं पर लगभग 1,400 करोड़ रुपये खर्च किये जा रहे हैं।

मंत्री ने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग चालू वित्त वर्ष के दौरान अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, अन्य पिछड़ा वर्गों, महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए विभिन्न योजनाओं पर लगभग 314.90 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रम के अंतर्गत 1,105.37 करोड़ रुपये आवंटित किये जा रहे हैं। 

प्रदेश से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp group को Join करें  
 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Swati Sharma