तिब्बती समाज का एक और सितारा ओझल: दलाई लामा के छोटे भाई का हुआ निधन

punjabkesari.in Thursday, Feb 19, 2026 - 02:21 PM (IST)

हिमाचल डेस्क। धर्म गुरु दलाई लामा के सबसे छोटे भाई, नगारी रिंपोछे (तेनजिन चोग्याल) का 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के मैक्लोडगंज स्थित अपने निवास पर अंतिम सांस ली।

तिब्बती आंदोलन और समाज में योगदान

नगारी रिंपोछे केवल दलाई लामा के अनुज ही नहीं, बल्कि तिब्बती स्वायत्तता और सांस्कृतिक संरक्षण के एक मुखर स्तंभ थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन तिब्बती प्रशासन और अपने लोगों की सेवा में समर्पित कर दिया।1974 से 1976 के बीच उन्होंने 'तिब्बती युवा कांग्रेस' के अध्यक्ष के रूप में युवाओं को दिशा दी। उन्होंने निर्वासित तिब्बती संसद के सदस्य के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं और नीतिगत स्तर पर समुदाय का प्रतिनिधित्व किया। एक उच्च कोटि के गुरु के रूप में, उन्होंने तिब्बती बौद्ध धर्म की शिक्षाओं को सरल बनाया और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़े रखा।

परिवार के लिए कठिन समय

तिब्बती समुदाय के लिए यह समय अत्यंत भावुक है, क्योंकि पिछले वर्ष ही फरवरी 2025 में दलाई लामा के बड़े भाई ग्यालो थोंडुप का 97 वर्ष की आयु में कलिम्पोंग में निधन हुआ था। एक वर्ष के भीतर परिवार के दो महत्वपूर्ण सदस्यों का चले जाना पूरे समुदाय के लिए एक अपूर्णीय क्षति है।

"नगारी रिंपोछे का जीवन निस्वार्थ सेवा और तिब्बती अस्मिता की रक्षा का प्रतीक था। उनकी शिक्षाएं आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बनी रहेंगी।"

उनका प्रस्थान न केवल एक आध्यात्मिक रिक्तता छोड़ गया है, बल्कि उस संघर्षपूर्ण इतिहास की एक और कड़ी कम हो गई है जिसने तिब्बती संस्कृति को वैश्विक पटल पर जीवित रखा। पूरा धर्मशाला और विश्वभर में फैला तिब्बती समुदाय आज उन्हें नम आँखों से श्रद्धांजलि दे रहा है।


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Content Editor

Jyoti M

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