पहले अश्लील वीडियो दिखाई, फिर कई बार दिव्यांग बच्ची से किया दुष्कर्म; अब कोर्ट ने आरोपी दादा को सुनाई ये सजा
punjabkesari.in Saturday, Jan 24, 2026 - 11:54 AM (IST)
Hamirpur Rape News: हिमाचल प्रदेश की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने मूक-बधिर नाबालिग पोती से बार-बार दुष्कर्म करने के मामले में दोषी पाए गए 71 वर्षीय व्यक्ति को 25 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशेष अदालत के न्यायाधीश भुवनेश अवस्थी ने पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत 25 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने, आईपीसी की धारा 506 के तहत एक वर्ष के साधारण कारावास एवं जुर्माना तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 12 के तहत एक वर्ष के कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। जुर्माना न देने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
दिव्यांग बच्ची के साथ कई बार किया दुष्कर्म
अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि आरोपी ने पारिवारिक विश्वास को तोड़ते हुए लंबे समय तक नाबालिग बच्ची के साथ यौन अपराध किए, जो कानून की नजर में अत्यंत गंभीर और अमानवीय है। यह मामला वर्ष 2022 में जिले के एक पुलिस थाना में दर्ज किया गया था, जिसे बाद में महिला पुलिस थाना हमीरपुर में स्थानांतरित किया गया। पुलिस ने गहन जांच के बाद अदालत में आरोपपत्र पेश किया। सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि 71 वर्षीय आरोपी ने वर्ष 2017 से पीड़िता के साथ कई बार दुष्कर्म किया। उस समय पीड़िता विशेष बच्चों के स्कूल में पांचवीं कक्षा में पढ़ती थी। पीड़िता बधिर एवं मूक है, जिसके चलते अपराध की गंभीरता और भी बढ़ जाती है। कोर्ट ने इसे अत्यंत जघन्य अपराध करार दिया।
पहले दिखाई अश्लील वीडियो, फिर...
सितंबर 2022 को मामला तब सामने आया जब पीड़िता ने स्कूल पहुंचकर सांकेतिक भाषा के माध्यम से अपनी शिक्षिका को आपबीती बताई। उसने बताया कि आरोपी दादा ने अश्लील वीडियो दिखाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और जान से मारने की धमकी भी दी। शिक्षक द्वारा प्रधानाचार्य को सूचना दिए जाने के बाद मामले की जांच शुरू हुई, जिसमें आरोपी के खिलाफ ठोस साक्ष्य सामने आए। अदालत ने दोषी को पोक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत 25 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अलावा आईपीसी की धारा 506 के तहत एक वर्ष का साधारण कारावास व जुर्माना तथा पोक्सो अधिनियम की धारा 12 के तहत एक वर्ष का कारावास और जुर्माना लगाया गया है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

