कोरोना काल में GPF ब्याज दर गिरी, अप्रैल से दिसम्बर तक मिलेगा इतने फीसदी ब्याज

12/4/2020 10:57:58 PM

शिमला (कुलदीप): आम आदमी के साथ सरकारी क्षेत्र में कार्य कर रहे कर्मचारियों पर भी कोरोना संकट भारी पड़ा है। इससे जहां कर्मचारियों को मिलने वाली डीए की किस्त को फ्रीज कर दिया गया है, वहीं नए वित्त वर्ष के आरंभ यानी अप्रैल से लेकर दिसम्बर तक कर्मचारियों को जनरल प्रोविडैंट फंड (जीपीएफ) पर दिसम्बर तक 7.1 फीसदी ब्याज मिलेगा। इससे पहले 1 अक्तूबर से दिसम्बर, 2019 और 1 जनवरी से 31 मार्च, 2020 के मध्य ब्याज दर 7.9 फीसदी थी। इतना ही नहीं, जुलाई से अक्तूबर, 2019 की तिमाही में भी यही ब्याज दर तय की गई थी। हालांकि इससे पहले अप्रैल से जून, 2019 तक ब्याज दर 8.0 फीसदी थी। इससे पूर्व अप्रैल, 2017 से 30 जून, 2017 की अवधि में भी 7.9 फीसदी ब्याज दर निर्धारित की गई थी।

राज्य में 1.82 लाख कर्मचारी जीपीएफ के दायरे में

उल्लेखनीय है कि राज्य में 1.82 लाख कर्मचारी जीपीएफ के दायरे में आते हैं। राज्य में 15 मई, 2003 से पहले लगे कर्मचारियों को जीपीएफ का प्रावधान है, जिसमें कर्मचारी अपने वेतन से राशि कटवाते हैं। इस राशि पर कर्मचारियों को सरकार की तरफ से ब्याज मिलता है, जिसकी दरें समय-समय पर निर्धारित की जाती हैं। जीपीएफ पर मिलने वाली ब्याज दर में साल दर साल कटौती होती रही है। वर्ष 2015-16 में ब्याज दर 8.7 फीसदी थी। इसी तरह वर्ष 2014-15 के दौरान भी ब्याज दर को 8.7 फीसदी ही रखा गया था।

जीपीएफ के 600 करोड़ रुपए जमा

हिमाचल प्रदेश सरकार के पास इस समय कर्मचारियों के जीपीएफ के करीब 600 करोड़ रुपए जमा हैं। इसमें से कुछ राशि को कर्मचारी सेवानिवृत्ति से पहले भी निर्धारित प्रपत्र पर निकालने के लिए आवेदन कर सकते हैं तथा सेवानिवृत्ति के बाद इसे ब्याज सहित कर्मचारियों को अदा किया जाता है।


Vijay

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