HPBOSE का बड़ा फैसला, अब स्कूलों में दूसरी कक्षा से संस्कृत पढ़ेंगे विद्यार्थी

11/19/2019 7:30:10 PM

धर्मशाला (नृपजीत निप्पी): हिमाचल प्रदेश की दूसरी राजभाषा बनी संस्कृत के विषय को अब प्रदेश के स्कूलों में दूसरी कक्षा से पढ़ाया जाएगा। वहीं इसी कड़ी में दूसरी से पांचवीं कक्षा तक का पाठ्यक्रम तैयार भी कर लिया गया है, इस फैसले को मंगलवार को हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के 115वें निदेशक मंडल की बैठक में स्वीकृति दे दी गई। निदेशक मंडल की स्वीकृति मिलने के बाद अब संस्कृत विषय को आगामी शैक्षणिक सत्र से दूसरी कक्षा से शुरू कर दिया जाएगा।

शतरंज और योग के सिलेबस को दी मंजूरी

शिक्षा मंत्री डॉ. सुरेश भारद्वाज ने बैठक की अध्यक्षता करने के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की बैठक में शैक्षणिक विषयों पर विशेष रूप से विचार किया गया। प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण व संस्कारयुक्त शिक्षा हो, इसके लिए सिलेबस में परिवर्तन किया जाए। संस्कृत को दूसरी कक्षा से शुरू करने के लिए सिलेबस को स्वीकृति प्रदान की गई। शतरंज और योग का सिलेबस जोकि एससीईआरटी सोलन ने बनाया है, उसे भी मंजूर किया गया है।

25 बच्चों पर रखा जाएगा एक इनविजिलेटर

शिक्षा मंत्री ने कहा कि आजकल बहुत से स्कूल डम्मी एडमिशन करते हैं और बच्चे बाहर जाते हैं, ऐसे कार्यों को रोकने के लिए शिक्षा बोर्ड सर्विलैंस कमेटी बनाएगा और कोई विद्यालय ऐसी गतिविधियों में संलिप्त पाया गया तो उसकी संबद्धता समाप्त कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पहले 40 बच्चों पर एक इनविजिलेटर लगाया था क्योंकि कई स्कूलों में कमरे छोटे होते हैं, जिनमें 40 बच्चे नहीं बैठ पाते, ऐसे में अब 25 बच्चों पर एक इनविजिलेटर रखा जाएगा।

प्रिंटिंग के टैंडर में शिक्षा बोर्ड ने बचाए 3 करोड़

शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रिंटिंग के टैंडर में इस मर्तबा अच्छा कागज लेकर पिछले वर्षों की अपेक्षा 3 करोड़ रुपए की बचत की गई है। जो कागज पहले 77 हजार रुपए प्रति मीट्रिक टन लिया जाता था, उसे इस वर्ष 69 हजार प्रति मीट्रिक टन लिया गया है। इसके अतिरिक्त अन्य परीक्षा संबंधी विषयों पर विचार किया गया। स्कूलों में शिक्षा का स्तर अच्छा हो, इसके लिए भी बैठक में जो निर्णय लिए गए, उन्हें मंजूर किया गया है।  इसके अतिरिक्त प्रार्थना सभा में बदलाव करने सहित बैग फ्री डे पर विद्यार्थियों द्वारा क्या-क्या किया जाए, इस बारे विद्यार्थियों को बताने का निर्णय लिया गया।

प्राइमरी स्कूलों में कमरों की इतनी कमी नहीं

पत्रकारों द्वारा पूछे गए 500 प्राइमरी स्कूलों में कमरों की कमी पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि इतनी कमी तो नहीं है लेकिन जो थोड़ी बहुत कमी है, उस पर कार्य किया जा रहा है। जहां एक कमरा है, वहां दूसरा कमरा एड करने के लिए सरकार प्रयासरत है।


Vijay

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