Chamba: पटाखे चलाने पर डिग्री और मेडिकल कॉलेज के छात्रों में विवाद, SFI के अल्टीमेटम पर DC ने दिए जांच के आदेश
punjabkesari.in Tuesday, Oct 27, 2026 - 04:59 PM (IST)
चम्बा (रणवीर): चम्बा शहर के जनसाली वार्ड में देर रात पटाखे चलाने को लेकर डिग्री कॉलेज के छात्रों और पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्रशिक्षुओं के बीच भारी विवाद हो गया। सोमवार रात शुरू हुई यह बहसबाजी इतनी बढ़ गई कि नौबत अभद्र भाषा के प्रयोग और धमकियों तक जा पहुंची। इस घटना के विरोध में मंगलवार को एसएफआई के कार्यकर्ताओं ने डीसी चम्बा मुकेश रेप्सवाल को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
देर रात पटाखे चलाने का विरोध करने पर हुआ विवाद
एसएफआई द्वारा डीसी को सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि डिग्री कॉलेज के छात्र जनसाली स्थित अनुसूचित जाति/जनजाति छात्रावास में रहते हैं। सोमवार रात करीब साढ़े 11 बजे मेडिकल कॉलेज के कुछ प्रशिक्षु छात्र वहां पटाखे चला रहे थे, जिससे छात्रावास में रह रहे विद्यार्थियों को भारी परेशानी हो रही थी। जब डिग्री कॉलेज के छात्रों ने इतनी रात गए पटाखे चलाने का विरोध किया, तो मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने उनके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया और उन्हें धमकियां दीं। एसएफआई का कहना है कि इस घटना के बाद से छात्रावास में रहने वाले छात्रों में असुरक्षा और भय का माहौल बन गया है।
छात्रावास खाली करवाने की मांग उठाई
ज्ञापन के माध्यम से एसएफआई ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषी छात्रों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई हो। इसके साथ ही संगठन ने छात्रावास के आबंटन का मुद्दा भी उठाया। एसएफआई ने कहा कि यह छात्रावास मूल रूप से महाविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए निर्धारित है, जिसे कुछ समय पहले अस्थायी तौर पर मेडिकल कॉलेज के छात्रों को दिया गया था। संगठन ने प्रशासन से इसे नियमानुसार खाली करवाकर वापस डिग्री कॉलेज के पात्र विद्यार्थियों को आबंटित करने का आग्रह किया है।
छात्रों की सुरक्षा से नहीं होगा समझौता
छात्रों के साथ हुए इस दुर्व्यवहार पर एसएफआई नेताओं ने कड़ा रोष व्यक्त किया है। एसएफआई के जिला सचिव कॉमरेड इकबाल, जिला अध्यक्ष कॉमरेड जय सिंह, इकाई अध्यक्ष कॉमरेड रामू और इकाई सचिव कॉमरेड हसन ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और सम्मान के साथ कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान के छात्रों द्वारा ऐसा आचरण बेहद निंदनीय है और सभी विद्यार्थियों को शांतिपूर्ण व सुरक्षित वातावरण में रहने का अधिकार है।
प्रशासन को दी आंदोलन की चेतावनी
संगठन ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मामले में निष्पक्ष जांच कर उचित कदम नहीं उठाए गए, तो वे छात्रों के अधिकारों और सुरक्षा के लिए अपना संघर्ष तेज करने को मजबूर होंगे। एसएफआई ने कहा कि भविष्य में होने वाले किसी भी उग्र आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन की होगी। इस पूरे घटनाक्रम और छात्रों के बढ़ते रोष पर जिला प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया है। डीसी चम्बा मुकेश रेप्सवाल ने ज्ञापन मिलने के बाद बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को इस घटना की गहन जांच करने के आदेश दे दिए गए हैं। पुलिस द्वारा तथ्यों की जांच के बाद नियमानुसार आगामी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
हिमाचल प्रदेश से जुड़ी खबरें पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp group को Join करें

