Chamba: धन-बल से विधायक चुराने वाली भाजपा दे रही लोकतंत्र की दुहाई : सीएम
punjabkesari.in Thursday, Nov 05, 2026 - 09:20 PM (IST)
चम्बा (काकू चौहान): धन-बल से कांग्रेस विधायकों को अपने पाले में करने वाली भाजपा अब लोकतंत्र की दुहाई दे रही है। पहले वोट चोरी कर गद्दी हासिल की, फिर पैसों के दम पर विधायकों को ही चोरी कर लिया। यह कैसा लोकतंत्र था। अब लोकतंत्र के लिए पदयात्राएं की जा रही हैं। यह बात मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भरमौर हलके के लिल्ह जनसभा को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने सांसद अनुराग ठाकुर और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के जो 9 विधायक लोकतांत्रिक प्रक्रिया से चुनकर आए थे, उन्हें पैसों के दम पर चोरी कर मतदाताओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया गया। सीएम ने भाजपा पर लोकतंत्र और संविधान के नाम पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जनादेश का सम्मान नहीं करने वाली भाजपा अब लोकतंत्र की बात कर रही है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा और जनता के मताधिकार की बात करने का नैतिक अधिकार कांग्रेस को है। देश में मुगलों, राजाओं और अंग्रेजों के शासन में आम जनता को सरकार चुनने का अधिकार नहीं था। डा. भीमराव अम्बेदकर के संविधान और देश की आजादी के बाद ही लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत हुई। आज जनता अपने वोट से पंचायत प्रतिनिधियों से लेकर मुख्यमंत्री तक का चुनाव करती है। उन्होंने इस व्यवस्था का श्रेय कांग्रेस की विचारधारा को दिया और भाजपा की पदयात्राओं पर भी सवाल उठाए।
दवाइयां ही लिखनी थीं तो एमएस बने रहते डा. जनक, नौकरी छोड़ कटवाया जिया लाल का टिकट
मुख्यमंत्री ने कहा कि डा. जनक राज ने आईजीएमसी से नौकरी छोड़ी और राजनीति में आ गए, लेकिन जिया लाल कपूर का टिकट कटवा दिया। अब फिर से जगह-जगह लोगों की पर्चियां देखना शुरू कर देते हैं। वह न्यूरो सर्जन हैं और दिमाग का इलाज करते हैं, लेकिन हर मरीज की पर्ची देख लेते हैं। अगर दवाइयां ही लिखनी थीं तो एम.एस. ही बने रहना था। अब जनता की आवाज बनें और अपने क्षेत्र की समस्याओं को विधानसभा व अन्य मंचों पर उठाएं।
पुरुषों की बच्चेदानी के ऑप्रेशन तक के बना दिए थे बिल
सीएस सुक्खू ने पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई हिमकेयर योजना पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस योजना के तहत पुरुषों की बच्चेदानी के ऑप्रेशन तक के बिल बनाए गए। उस समय अस्पतालों में जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारियों को ऐसी गड़बड़ियों पर नजर रखनी चाहिए थी। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें होली-उतराला सड़क और भरमौर अस्पताल में चिकित्सकों की कमी जैसे स्थानीय मुद्दों को विधानसभा में प्रमुखता से उठाना चाहिए।

