हिमाचल में फोरलेन पर कार से प्रतिबंधित कैप्सूलाें का जखीरा बरामद, पंजाब और सोलन के 2 तस्कर गिरफ्तार
punjabkesari.in Thursday, Feb 19, 2026 - 06:01 PM (IST)
बिलासपुर (बंशीधर): हिमाचल प्रदेश को नशामुक्त बनाने के अभियान के तहत बिलासपुर पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। सदर थाना पुलिस ने कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन पर नाकाबंदी के दौरान एक कार से नशे के तौर पर इस्तेमाल होने वाले 6890 कैप्सूल बरामद किए हैं। बरामद दवा प्रैगाबिलिन 300 एमजी बताई जा रही है, जिसका इस्तेमाल हाल के दिनों में नशेड़ियों द्वारा व्यापक रूप से किया जा रहा है। मामले में पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें एक आरोपी हिमाचल और दूसरा पंजाब का निवासी है।
नाकाबंदी के दौरान हत्थे चढ़े तस्कर
जानकारी के अनुसार सदर थाना पुलिस की टीम ने पट्टा क्षेत्र में विशेष नाकाबंदी कर रखी थी। वाहनों की रूटीन चैकिंग के दौरान पुलिस ने संदेह के आधार पर एक कार ( HP12N-2815) को जांच के लिए रोका। कार की तलाशी लेने पर पुलिस को उसके भीतर छिपाकर रखे गए कैप्सूलों का एक बड़ा जखीरा मिला। गिनती करने पर कुल 6890 कैप्सूल बरामद हुए। जब पुलिस ने कार सवार व्यक्तियों से इन दवाइयों के बिल या कोई वैध दस्तावेज मांगे तो वे कोई भी कागज प्रस्तुत नहीं कर सके। इतनी भारी मात्रा में कैप्सूल की बरामदगी से यह साफ हो गया कि यह दवा किसी इलाज के लिए नहीं, बल्कि नशे के अवैध कारोबार (सप्लाई) के लिए ले जाई जा रही थी। पुलिस ने मौके पर ही कार सवार दोनों व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया। आराेपियाें की पहचान सुखविंद्र सिंह (33) निवासी गांव भटोली, तहसील नालागढ़ व जिला सोलन और मंजीत सिंह (35) निवासी गांव हरदोनमोह, तहसील आनंदपुर साहिब व जिला रोपड़ (पंजाब) के रूप में की गई है।
ड्रग्स विभाग को सौंपा गया मामला
चूंकि मामला प्रतिबंधित दवाइयों की खेप से जुड़ा है, इसलिए सदर थाना पुलिस ने प्राथमिक कार्रवाई के बाद पूरा मामला बिलासपुर ड्रग्स विभाग को सौंप दिया है। ड्रग्स इंस्पैक्टर बिलासपुर अंजना देवी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रैगाबिलिन के 6890 कैप्सूल जब्त कर लिए गए हैं। विभाग ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सप्लाई चेन खंगालने में जुटी टीम
इतनी बड़ी खेप पकड़े जाने के बाद जांच एजैंसियां अब इस नशे के नैटवर्क को खंगालने में जुट गई हैं। पुलिस और ड्रग्स विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आरोपी यह खेप कहां से लेकर आए थे और इसे आगे किस नैटवर्क या तस्करों तक पहुंचाया जाना था। आशंका जताई जा रही है कि इसके पीछे किसी बड़े गिरोह का हाथ हो सकता है जो पंजाब और हिमाचल के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय है।
क्या कहते हैं एसपी बिलासपुर
एसपी बिलासपुर संदीप धवल ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस नशे के खिलाफ जीरो टॉलरैंस की नीति पर काम कर रही है। जिले में नशे के सौदागरों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे मामलों में किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए पुलिस हरसंभव कार्रवाई कर रही है।

