विधानसभा प्रश्नकाल: जल जीवन मिशन के तहत हिमाचल को नहीं मिले 1227 करोड़ : अग्निहोत्री
punjabkesari.in Wednesday, Feb 18, 2026 - 06:27 PM (IST)
शिमला (भूपिन्द्र): उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत हिमाचल को 6395 करोड़ रुपए मंजूर हुए थे। इसमें से 5267 करोड़ राज्य को मिल चुके हैं, जबकि 1227 करोड़ रुपए नहीं मिले हैं। इस योजना के तहत 1747 योजनाएं स्वीकृत हुई थीं। अकेले धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए 1441 करोड़ रुपए की परियोजनाएं मंजूर की गई। यह जानकारी उन्होंने बुधवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक चंद्रशेखर के सवाल के जवाब में दी।
उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार ने केंद्र सरकार को लिखकर दिया कि प्रदेश का मिशन पूरा हो गया है। हाे सकता है कि इसी सोच के साथ हिमाचल को बची हुई 1227 करोड़ की राशि जारी नहीं की गई। इस राशि को जारी करने का आग्रह केंद्र से कई बार किया गया है। राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत बाकी बचे पैसे को राज्य सरकारें स्वयं दें लेकिन प्रदेश की स्थिति ऐसी नहीं है। उन्होंने बताया कि मिशन के तहत धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में 1441 करोड़ रुपए की योजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इसमें से 603 करोड़ के काम पूरे हो चुके हैं, जबकि 839 करोड़ के कार्य पूरे नहीं हुए हैं।
उन्होंने बताया कि मिशन के तहत 12 रैस्ट हाऊस बनाए गए हैं, जिनपर 26 करोड़ से अधिक की राशि खर्च की गई है। इसमें से 2 का निर्माण पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने कहा कि मिशन के तहत विश्राम गृह बनाने का प्रावधान नहीं था। ऐसे में 26 करोड़ राज्य सरकार दे। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन का अगला चरण आ रहा है। उसमें उन क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा, जो पहले छूट गए हैं।
उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल की अनुमति के बिना रैस्ट हाऊस का निर्माण नहीं किया जा सकता है। हालांकि कई बार योजनाओं में किसी नाम से भवन बना दिए जाते हैं। इस दौरान विधायक चंद्रशेखर तथा सतपाल सिंह सत्ती ने भी अनुपूरक सवाल किए। सत्ती का कहना था कि योजनाओं में जरूरत के हिसाब से ही कार्य किए जाने चाहिए। वहीं चंद्रशेखर ने अधूरी पड़ी योजनाओं को जल्द पूरा करने का आग्रह किया।
1227 करोड़ जारी करने के लिए यह रखी केंद्र ने शर्तें
केंद्र ने 1227 करोड़ जारी करने को लेकर कुछ शर्तें रखी हैं। इसके तहत सरकार को टैंक के आगे की पानी की योजनाएं पंचायती राज विभाग को सौंपने को कहा गया है। साथ ही मुफ्त पानी की योजना को बंद करने को कहा गया है तथा इसकी एवज में हर घर से 100 रुपए तथा लोअर कैटेगरी से 30 रुपए का मासिक शुल्क लेने को कहा गया है। प्रदेश सरकार ने 1227 में से 600 करोड़ के कार्य कर दिए हैं। हालांकि केंद्र ने इस राशि को जारी करने का भरोसा दिया है।

