AIIMS बिलासपुर में जल्द शुरू होंगे वायरल शोध, वैज्ञानिक और लैब टैक्नीशियन की भर्ती प्रक्रिया शुरू
punjabkesari.in Tuesday, Apr 14, 2026 - 06:43 PM (IST)
बिलासपुर (बंशीधर): एम्स बिलासपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को और ऊंचाई देने की दिशा में एम्स प्रबंधन ने एक और बड़ा कदम उठाया है। संस्थान में स्थापित की गई वायरल रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लैबाेरेटरी के माध्यम से जल्द ही शोध कार्य शुरू होने जा रहे हैं। खास बात यह है कि लैब के सुचारू संचालन के लिए वैज्ञानिक की नियुक्ति प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। एम्स प्रबंधन के अनुसार इस अत्याधुनिक लैब के चालू होने के बाद यहां डेंगू, स्वाइन फ्लू, कोरोना सहित विभिन्न वायरल संक्रमणों की उन्नत जांच की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे न केवल मरीजों को समय पर सटीक निदान मिल सकेगा, बल्कि गंभीर बीमारियों के नियंत्रण और रोकथाम में भी मदद मिलेगी।
बताया जा रहा है कि शोध गतिविधियों को गति देने के लिए एक वैज्ञानिक के साथ-साथ एक लैब टैक्नीशियन की भर्ती प्रक्रिया भी शुरू की गई है। इससे संस्थान में शोध और जांच दोनों ही क्षेत्रों में दक्षता बढ़ेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि एम्स में इस लैब के संचालन से प्रदेश में पहली बार बड़े स्तर पर वायरल बीमारियों पर स्थानीय स्तर पर शोध संभव हो पाएगा। इसके साथ ही नए वायरस और संक्रमणों की पहचान और निगरानी भी तेजी से की जा सकेगी। एम्स बिलासपुर में वायरल रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लैबाेरेटरीज लैब का संचालन शुरू होना न केवल इलाज व्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि प्रदेश को स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगा। एम्स प्रबंधन के अनुसार इस अत्याधुनिक लैब के चालू होने के बाद यहां डेंगू, स्वाइन फ्लू, कोरोना सहित विभिन्न वायरल संक्रमणों की उन्नत जांच की सुविधा उपलब्ध होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि एम्स में इस लैब के संचालन से प्रदेश में पहली बार बड़े स्तर पर वायरल बीमारियों पर स्थानीय स्तर पर शोध संभव हो पाएगा। इसके साथ ही नए वायरस और संक्रमणों की पहचान और निगरानी भी तेजी से की जा सकेगी। एम्स बिलासपुर में वायरल रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लैबाेरेटरीज लैब का संचालन शुरू होना न केवल इलाज व्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि प्रदेश को स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगा।

