Himachal: एम्स बिलासपुर में अब ओपन हार्ट सर्जरी, वाल्व रिप्लेसमैंट और फेफड़ों की जटिल सर्जरी की जल्द मिलेगी सुविधा
punjabkesari.in Sunday, Jan 04, 2026 - 07:02 PM (IST)
बिलासपुर (बंशीधर): एम्स बिलासपुर में जल्द ही हृदय, फेफड़ों और रक्त नलिकाओं से जुड़ी गंभीर बीमारियों के उपचार की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी, जिससे संबंधित मरीजों को अब उपचार के लिए दूसरे प्रदेशों का रुख नहीं करना पड़ेगा। जानकारी के अनुसार अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान प्रबंधन द्वारा अब ओपन हार्ट सर्जरी, हार्ट वाल्व रिप्लेसमैंट, फेफड़ों की जटिल सर्जरी और वैस्कुलर रोगों का उपचार यहीं उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस कदम उठाया गया है। इसके लिए आवश्यक अत्याधुनिक सर्जिकल, कार्डियक और वैस्कुलर उपकरणों की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इससे प्रदेश के लोगों को घर के नजदीक ही संबंधित बीमारियों के उपचार की सुविधा मिल जाएगी।
जानकारी के अनुसार एम्स प्रशासन ऐसे आधुनिक उपकरण खरीद रहा है, जो हृदय और फेफड़ों की सर्जरी के दौरान नाजुक ऊतकों को सुरक्षित रूप से संभालने और रक्त प्रवाह को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। डेबेकी फोर्सेप्स, डुवाल लंग होल्डिंग फोर्सेप्स और एलिस एट्रॉमैटिक टिश्यू फोर्सेप्स जैसे उपकरणों से सर्जरी अधिक सुरक्षित होगी और मरीजों की रिकवरी भी पहले से बेहतर होगी। इसके अतिरिक्त एम्स में ओपन हार्ट सर्जरी और हार्ट वाल्व रिप्लेसमैंट को प्रभावी ढंग से शुरू करने के लिए रॉस एऑर्टिक वाल्व रिट्रैक्टर, पार्सोनेट एपिकार्डियल रिट्रैक्टर, सैटिंस्की और क्रैफोर्ड वैस्कुलर क्लैम्प जैसे विशेष उपकरण शामिल किए गए हैं। इनकी मदद से हृदय की जटिल सर्जरी के दौरान डाॅक्टरों को बेहतर नियंत्रण मिलेगा और ऑप्रेशन का जोखिम कम होगा।
एम्स प्रशासन के अनुसार इन उपकरणों के आने से हार्ट वाल्व से जुड़ी बीमारियों, जन्मजात हृदय दोष और रक्त नलिकाओं की रुकावट जैसी समस्याओं का इलाज संभव हो सकेगा तथा मरीजों को बाहर रैफर करने की मजबूरी काफी हद तक खत्म हो जाएगी। इस सुविधा के शुरू होने से न केवल प्रदेश के मरीजों को समय पर इलाज मिलेगा, बल्कि उपचार का खर्च और मानसिक तनाव भी कम होगा, साथ ही एम्स में पढ़ने वाले मेडिकल छात्रों और रैजीडैंट डाॅक्टरों को कार्डियक और वैस्कुलर सर्जरी का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी यहीं मिलेगा। एम्स प्रशासन का कहना है कि टैंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद उपकरणों की आपूर्ति और इंस्टॉलेशन चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा तथा इससे एम्स का ऑप्रेशन थिएटर उन्नत इलाज के लिए पूरी तरह तैयार हो जाएगा।

